113618 बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों को होगा वितरण
जिले में 985 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक लाख 13 हजार 618 बच्चे, गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, किशोरियां और अति कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं।
इन सभी को इसी माह से गेहूं, चावल और दाल उपलब्ध कराई जाएगी।
डीलर से लेंगे राशन और दाल की होगी खरीद
स्वयं सहायता समूह राशन डीलर से गेहूं और चावल लेंगे, जबकि दाल खरीदेंगे। इसके बाद उसे पैक करके वितरण करेंगे। दूध और घी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) की होगी। इसका भुगतान शासन स्तर से किया जाएगा। दाल स्वयं सहायता समूह खुद खरीदेंगे। पैसा डीसी एनआरएलएम के माध्यम से समूहों को दिया जाएगा।
त्रैमासिक आधार पर दिया जाएगा दूध और घी
दूध और घी का वितरण तीन माह में एक बार किया जाएगा। छह माह से तीन माह के बच्चे को 450 ग्राम देसी घी और 400 ग्राम स्किम्ड दूध, तीन वर्ष से छह वर्ष के बच्चे को 400 ग्राम स्किम्ड दूध, गर्भवती, महिला एवं किशोरियों को 450 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम स्किम्ड दूध, गंभीर कुपोषित बच्चे को 900 ग्राम देसी घी और 750 ग्राम स्किम्ड दूध हर तीन माह बाद दिया जाएगा।
लाभार्थियों को हर माह दिया जाएगा राशन
छह माह से तीन वर्ष के बच्चे : 1.5 किलो गेहूं, एक किलो चावल, 750 ग्राम दाल
तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चे: 1.5 किलो गेहूं और एक किलो चावल
गर्भवती व धात्री महिला एवं किशोरी : दो किलो गेहूं, एक किलो चावल और 750 ग्राम दाल
अति कुपोषित बच्चे: 2.5 किलो गेहूं, 1.5 किलो चावल और 500 ग्राम दाल
प्रतिमाह राशन की आवश्यकता
राशन क्विंटल
गेहूं 1842.41
चावल 1139.74
दाल 600.00
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