कोरोना संक्रमण की मार चीनी उद्योग पर भी पड़ी है। चीनी मिलों का नया सत्र शुरू होने जा रहा है, किसान अपना पुराना बकाया गन्ना मूल्य मांग रहे हैं, चीनी मिलों की हालत यह है कि पुराना स्टाक ही काफी बचा हुआ है। यह स्टाक चीनी मिलों पर किसानों के कुल बकाए से अधिक है तो कहीं आसपास है। शादी समारोह व अन्य आयोजनों के शुरू होने और त्योहारी सीजन से मिलों को बड़ी आस है।
मेरठ मंडल की चीनी मिलों पर पिछले साल का 1661.24 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है, वहीं चीनी मिलों के पास 2275 करोड़ रुपये की चीनी का स्टॉक है। बाजार में मांग कम होने के चलते चीनी का उठान पिछले साल से कम हो रहा है। शामली में भी शुगर मिलों पर 523.89 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है, जबकि शुगर मिलों के गोदामों में लगभग 453.27 करोड़ रुपये की चीनी का स्टॉक है। सहारनपुर जिले की छह शुगर मिलों में रखी 25.39 लाख क्विंटल चीनी को बिकने का इंतजार कर रही है। बागपत में सहकारी क्षेत्र की रमाला और बागपत मिल की आधी चीनी का उठान भी अब तक नहीं हुआ है।
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जनपद बकाया गन्ना चीनी का
मूल्य स्टॉक
मेरठ 579 36.62
गाजियाबाद 214 0.55
हापुड़ 381 4.50
बागपत 368 17.56
बुलंदशहर 117 9.72
शामली 523 13.99
सहारनपुर 422 25.39
बिजनौर 688 42.28
चीनी की मांग कम होने से उठान में सुस्ती
कोरोना के चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की मांग कम होने से चीनी के उठान में सुस्ती है। किसानों के बकाया भुगतान के लिए मिलों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
- राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, मेरठ परिक्षेत्र
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