चार्ज लेने को लेकर मारामारी
दरोगा हो या इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी का चार्ज लेने को लेकर मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बहुत मारामारी है। जिसके चलते कई बार दरोगा बाजी मार जाते हैं और इंस्पेक्टर पीछे रह जाते हैं। शायद यही वजह है कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत समेत कई जनपदों में इंस्पेक्टर से ज्यादा दरोगाओं के पास थाने का चार्ज है। जिन इंस्पेक्टरों को थाने का चार्ज मिलना चाहिए, उन थानों को दरोगा चला रहे हैं। लेकिन कोई अधिकारी इस परंपरा को तोड़ने को तैयार नहीं है।
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मामला गंभीर है। करेक्टर रोल में दरोगा और इंस्पेक्टर की संपत्ति दर्ज होती है। थाना प्रभारी की कोई शिकायत आएगी तो सख्त कार्रवाई होगी। संपत्ति की जांच करने के लिए एंटी करप्शन विभाग भी सक्रिय रहता है। लंबे समय से जमे थानेदारों की जांच निश्चित तौर पर होगी।
- राजीव सभरवाल, एडीजी मेरठ जोन
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