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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: जनसेवा केंद्र बने अवैध वसूली के सेंटर, सामने आए ये मामले

Fri, 18 Sep 2020 07:16 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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जन सेवा केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के धामपुर में जनसेवा केंद्रों पर अधिकारिक नियंत्रण न होने से ऑनलाइन आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों व अन्य आवेदन के नाम पर जनता का जमकर शोषण कर रहे हैं। आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी इनके संचालकों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मनमानी पर रोक लगाने को क्षेत्र के लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से की है। डीएम से मांग की है कि जो जनसेवा केंद्र संचालक मनमाने तौर पर जनता से उगाही कर रहे हैं। उनके खिलाफ जांच कराने के बाद कार्रवाई कराएं और उनके लाइसेंस निरस्त कराए जाएं। 

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नगर के मनोज कुमार, लिवाश कुमार, लवेंद्र कुमार, महावीर सिंह, गजेंद्र सिंह, अहमद हुसैन, भूरी, अनवार अहमद, सुहेल, विकास, बक्कार, दानिश, शमशेर अली का कहना है कि नगर क्षेत्र में करीब दो दर्जन से ज्यादा जनसेवा केंद्र संचालित हैं। देहात में आय जाति निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के नाम पर 150 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। बिजली कनेक्शन के लिए होने वाले आवेदनों की अलग से फीस निर्धारित कर रखी है। 

इस संबंध में जनसेवा केंद्र संचालक गौरव कुमार, हेमेंद्र कुमार, नवनीत कुमार, अंशु कुमार से इस बाबत जानकारी की गई तो इन्होंने बताया कि बिजनौर से लाइसेंस पाने के लिए सुविधा शुल्क दिया जाता है। वह भी जानते हैं कि आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र को ऑनलाइन करने में सरकारी फीस केवल 20 रुपये हैं। कॉमर्शियल बिजली बिल, दुकान का किराया, कंप्यूटर प्रिंटर खर्चा, इंटरनेट बिल आदि उन्हें अपनी जेब से भरने पड़ते हैं। उधर, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी वे जांच कर कार्रवाई करेंगे।
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जनसेवा केंद्र संचालक की मनमानी
अफजलगढ़ में जनसेवा केंद्र संचालकों की मनमानी से उपभोक्ता हलकान हो रहे हैं। प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन कराने के नाम पर उनका जमकर शोषण किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जनसेवा केंद्रों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की है। ग्रामवासी शबनम, जुल्फकार, विकास, अर्जुन आदि का कहना है कि नगर व ग्रामीण क्षेत्र में संचालित जनसेवा केंद्रों पर आय प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र या आधार में संशोधन के संबंधित में जमकर लूट खसौट मचाई जा रही है। संशोधन के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूला जा रहा है। शिकायत करने की बात पर केंद्र संचालक कहते हैं कि अपना कार्य कहीं भी जाकर करा लो। वहीं एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उपभोक्ताओं के लिखित शिकायत करने पर शोषण करने वाले केंद्र संचालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।

वसूली जा रही दस गुना तक राशि
नूरपुर में आय, जाति व अन्य प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए नूरपुर ब्लाक में करीब 35 जनसेवा केंद्र संचालित हैं। जनसेवा केंद्रों पर निर्धारित फीस से कई गुना पैसे प्रमाणपत्र बनाने के लिए वसूले जा रहे हैं। एक प्रमाणपत्र का शुल्क केवल 20 रुपये है, जबकि ज्यादा वसूली हो रही है। आनाकानी करने पर प्रमाणपत्रों में कमी व लेखपाल और अन्य अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट लगवाने का हवाला देकर मनमानी रकम वसूल की जाती है। गोहावर निवासी एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनसेवा केंद्र पर तीन प्रमाणपत्र बनाने के लिए संचालक ने उससे 600 रुपये वसूले हैं।

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