एचआईवी
इस वायरस की वजह से एड्स होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। जिस इंसान में इस वायरस की मौजूदगी होती है, उसे एचआईवी पॉजिटिव कहते हैं। आमतौर पर लोग एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब ही एड्स समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। एचआईवी पॉजिटिव होने से एड्स होने तक के अंतराल को दवाओं की मदद से बढ़ाया जा सकता है।
हेपेटाइटिस बी
यह संक्रामक बीमारी है। इसके कारण लिवर की सूजन और जलन पैदा होती है। इसके वायरस का संचरण संक्रमित रक्त या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में जाने से होता है। इसका इलाज वायरस रोधी दवाओं से किया जाता है। ये दवाएं खून में वायरस की मात्रा घटा सकती हैं या उन्हें हटा सकती हैं, जिससे लिवर सिरसिस या लिवर कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।
हेपेटाइटिस सी
आम बोलचाल की भाषा में इसे काला पीलिया भी कहते हैं। यह एक संक्रामक रोग है, एचसीवी वायरस की वजह से होता है और यकृत को प्रभावित करता है। यह वायरस रक्त से रक्त के संपर्क द्वारा फैलता है। इलाज और देखभाल से यह ठीक हो जाता है। इस बीमारी का पता शुरू में नहीं लग पाता है और जानलेवा हो जाता है। मेडिकल कॉलेज में इसका इलाज निशुल्क होता है।
नशीली दवाओं से संक्रमण
इंजेक्शन से नशीली दवाओं का प्रयोग एचसीवी संक्रमण का सबसे आम रास्ता है। कोई भी ऐसा कार्य या गतिविधि जिसमें खून से खून का संपर्क होने की संभावना है, संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकता है।
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