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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: 55 बवाली अमन में डाल रहे खलल, सबूत के लिए काफी है ये तीन बड़े मामले

Thu, 04 Jul 2019 04:51 AM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ बवाल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में 55 ऐसे बवाली हैं, जो शहर के अमन में खलल डाल रहे हैं। ये ऐसे संगठित अराजक तत्व हैं, जो चार माह में बवाल की तीन प्रमुख घटनाओं में कॉमन पाए गए। चूंकि पुलिस इनके खिलाफ मजबूत धाराएं लगाने में लापरवाही बरतती है तो ये जल्द जमानत पर छूट जाते हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि बवालियों को पूर्व में नामजद करने वाली पुलिस ही कई बवालियों को पकड़ नहीं पाई। जिसके चलते ये बवाली 30 जून को हुए बवाल में आगे रहे। अमर उजाला ने ऐसे 55 बवालियों को खोजा है। अब पुलिस-प्रशासन को इन पर ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।

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भूसा मंडी बवाल
छह मार्च 2019 को भूसा मंडी में बवाल हुआ। पुलिस से मारपीट, आगजनी और तोड़फोड़ हुई। डीएम-एसएसपी ने मौके पर जाकर जांच की। जिसमें सदर बाजार थाने में पुलिस ने 65 बवाली नामजद किए और 300-400 अज्ञात मुल्जिम बनाए थे। इनमें पुलिस ने दो महिलाओं समेत केवल 14 आरोपी जेल भेजे। मामला ठंडा होते ही पुलिस भी शांत बैठ गई।

चुनावी बखेड़ा
23 मई 2019 को लोकसभा चुनाव का आधिकारिक परिणाम आने से पहले ही शहर में बसपा प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी की जीत की अफवाह फैल गई। जिसके बाद एक समुदाय की भीड़ ने सड़क पर बवाल काटा। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। देहली गेट थाने में 25 नामजद और 200-300 अज्ञात मुल्जिमों पर केस दर्ज हुआ। इनमें अधिकांश आरोपी वे थे जो भूसा मंडी बवाल में भी नामजद हो चुके थे। लेकिन पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

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मॉब लिंचिंग की आड़
30 जून 2019 को मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध में फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में बिना अनुमति सभा कर जुलूस निकाला गया। रोकने पर भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर हमला बोला और पथराव किया। इस बवाल में 75 नामजद और तीन हजार से ज्यादा अज्ञात मुल्जिम बने। खास बात यह है कि इस बवाल के अगुवा भी वे ही अराजक तत्व रहे, जो भूसा मंडी बवाल और चुनावी बखेड़े में नामजद रहे। लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ तक नहीं पाई। पुलिस की इस घोर लापरवाही से इन अमन के दुश्मनों का दुस्साहस हर बात बढ़ता गया और ये शहर में दहशत फैलाते गए। सवाल यह भी है कि यदि अब भी पुलिस-प्रशासन नहीं संभला तो इन जैसे बवालियों को काबू करने में सिस्टम नाकाम साबित होगा।

कसेंगे मजबूत शिकंजा
कुछ शरारती तत्व बार-बार बवाल करते हैं, जो शहर की फिजा खराब करना चाहते हैं। इस बार बवालियों पर मजबूत शिकंजा कसा जाएगा। बवालियों पर दर्ज पुराने मुकदमों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। वीडियो में भी आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। - प्रशांत कुमार, एडीजी जोन

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