मॉब लिंचिंग की आड़
30 जून 2019 को मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध में फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में बिना अनुमति सभा कर जुलूस निकाला गया। रोकने पर भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर हमला बोला और पथराव किया। इस बवाल में 75 नामजद और तीन हजार से ज्यादा अज्ञात मुल्जिम बने। खास बात यह है कि इस बवाल के अगुवा भी वे ही अराजक तत्व रहे, जो भूसा मंडी बवाल और चुनावी बखेड़े में नामजद रहे। लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ तक नहीं पाई। पुलिस की इस घोर लापरवाही से इन अमन के दुश्मनों का दुस्साहस हर बात बढ़ता गया और ये शहर में दहशत फैलाते गए। सवाल यह भी है कि यदि अब भी पुलिस-प्रशासन नहीं संभला तो इन जैसे बवालियों को काबू करने में सिस्टम नाकाम साबित होगा।
कसेंगे मजबूत शिकंजा
कुछ शरारती तत्व बार-बार बवाल करते हैं, जो शहर की फिजा खराब करना चाहते हैं। इस बार बवालियों पर मजबूत शिकंजा कसा जाएगा। बवालियों पर दर्ज पुराने मुकदमों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। वीडियो में भी आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।
- प्रशांत कुमार, एडीजी जोन
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