बुधवार को कॉलेज में छात्र-छात्राओंं ने प्रार्थना करते डीएम से गुहार लगाई थी। इससे जिला प्रशासन और नगर निगम में खलबली मच गई। डीएम दीपक मीणा ने जांच कराने के निर्देश दिए है। नगर आयुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा ने निगम अधिकारियों की जमकर फटकार लगा दी। कूड़ा निस्तारण करने में तेजी कार्य लाने की बात कही।
बच्चों की गुहार लगाते हुए फोटो और अमर उजाला की खबर पार्षद आशीष चौधरी, ओम सिंह राणा सहित शहर के कई प्रमुख लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। पार्षद आशीष चौधरी ने बताया कि निगम की बोर्ड बैठक में अधिकारियों के सामने कई बार कूड़े का पहाड़ उठाने की मांग कर चुका हूं।
अंधकार में है भविष्य
प्रधानाचार्य का कहना है कि कूड़े के पहाड़ से कॉलेज की दूरी मात्र 200 मीटर है। कॉलेज में 600 नहीं, 752 छात्र-छात्राएं हैं। कॉलेज में चार नल है, जिसमें दो नल में लाल रंग का बदबूदार पानी आता है। जिसको पीने से छात्र-छात्राएं और शिक्षक बीमार होते हैं। कॉलेज में एक दूसरा नल लगवाया है, जोकि 250 फीट नीचे से पानी लाता है।
संयुक्त निदेशक ने देखा था हाल
शिक्षकों ने बताया है कि तीन दिन पहले लखनऊ से संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग कॉलेज में निरीक्षण करने आए थे। कूड़े का पहाड़ होने के चलते कॉलेज में जहरीली हवा आ रही थी। इसकी बदबू फैली थी।
संयुक्त निदेशक ने भी तुरंत मुंह पर रुमाल बांधा और पांच मिनट मेंं निरीक्षण करके वहां से निकल गए। संयुक्त निदेशक ने प्रधानाचार्य से पूछा था कि आप लोग कैसे कॉलेज में रहते हो। बच्चे कैसे पढ़ते हैं।
कचरे का करेंगे निस्तारण
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि पंडित बख्शी दास स्मारक इंटर कॉलेज में बड़ी समस्या है। लोहियानगर में कूड़ा निस्तारण करने का प्लांट लगाया हुआ है, जोकि फिलहाल 600 मैट्रिक टन कचरे का निस्तारण करता है।
कूड़े के पहाड़ होने के चलते एक सप्ताह पहले 15वें वित्त से 3.50 करोड़ रुपये से कूड़ा प्लांट की क्षमता बढ़ाएंगे। जिसका टेंडर भी हो गया है। अब रोजाना 1200 मैट्रिक टन कचरे का निस्तारण निगम कराएगा।