मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन पर आयोजित हनुमंत कथा में दिव्य दरबार लगाया गया। शंकाओं के समाधान के बाद बागेश्वर धाम सरकार आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रेतराज सरकार का आह्वान किया। कथा स्थल पर मौजूद लाखों लोगों से मुठ्ठी बांधने का आह्वान किया गया। कहा, वर्तमान युग के राजा हमपर कृपा करें। संन्यासी बाबा सहित बजरंग बली का आह्वान किया गया। पांच पंडालों में हर तरफ आवाजें गूंज उठी। अर्जी स्वीकार हुई। आचार्य श्री ने कहा कि बाधाओं से ग्रस्त लोगों के आने के लिए रास्ता छोड़ दें। मानसिक बाधाओं से ग्रस्त सैकड़ों महिलाएं और पुरुष सम्मोहित अवस्था में नजर आए।
एक के बाद एक सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा सम्मोहित अवस्था में व्यास पीठ के नीचे आकर एकत्रित हो गए। इस दौरान उनके आने के लिए पैसेज खाली किया गया। परिजन उन्हें संभालने का प्रयास करते रहे। असीमित शक्ति के साथ महिला और पुरुषों ग्रिल तक को उखाड़ दिया। आचार्य श्री मंत्रोच्चारण के राम कहते ही वह लोग कुछ देर बाद शांत हो गए। आचार्य जी ने बागेश्वर महाराज का भी ध्यान किया। उन्होंने कहा कि भूत पिशाच निकट नहीं आवे क्योंकि हमारे पास हैं राम जी के दूत। प्रेतराज सरकार के दरबार में हर कोई रोग ग्रस्त लोगों की शक्ति को देख अचंभित रह गया। इसमें मेरठ बेगमबाग, दिल्ली रोड, कंकरखेड़ा सहित आसपास के जिले और प्रदेशों के महिला और पुरुष रहे। एक युवक को आचार्य श्री ने व्यास पीठ के सामने बिठाया। युवक के साथ उसकी मानसिक बाधाओं के विषय में बात की गई। कई अचंभित करने वाली घटनाएं भी हुई। जिसे देख लोग विस्मय में आ गए। जल छिड़कवाकर सभी को भभूत दी गई।
-
किसी ने मांगी संपत्ति तो किसी ने कराया कष्टों का निवारण
- प्रत्येक व्यक्ति की बात बोलने से पहले पर्चे पर लिखा, बताया समाधान
- कई लोगों को नाम से संबोधित किया जिसमें शामिल रहे शहर के लोग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। डी के पास बैठे अतुल जो तिलक लगाए हैं, टीन के पास खड़े सुनील, तीसरे पंडाल में बैठे अरविंद सिंह बुराड़ी से आए हैं। पांचवें पंडाल में रेखा जो प्रसाद घर से बनाकर लेकर आई हैं वह हमारे पास आ जाएं। यह शब्द आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिव्य दरबार की शुरुआत में कहे। हर कोई अपनी स्थान से खड़े होकर उनके पास पहुंच गया। यह दृश्य देख पंडाल में मौजूद लाखों लोग अचंभित से नजर आए।
आचार्य श्री ने अतुल गर्ग से कहा कि दरबार में पहली बार आए हो। किसी पर भरोसा नहीं है। लाखों की भीड़ के बीच इस बात को सुनकर अतुल भावुक हो गया। पेट में पीड़ा है। बच्चे के साथ भी समस्या है। भगवती देवी की उपासना कर और नव चंडी का पाठ कर सब समाधान हो जाएगा। बच्चे को लेकर धाम पर आना उससे भी बात करेंगे। एक के बाद एक लोगों की समाधान करते हुए उन्होंने सुनील नामक व्यक्ति को बुलाया। वह मेरठ का ही रहने वाला था। व्यापार में लगातार हानि और लगभग 3 लाख का कर्ज है। यह सब उन्होंने उसके बोलने से पहले ही पर्चे पर लिख दिया। पत्नी को गठिया है। आचार्य श्री ने कहा कि सब इंफेक्शन ठीक हो जाएगा। बुलंदशहर से व्यक्ति ने बेटी के विषय में समस्या बताई। आचार्य श्री ने कहा कि तंत्रमंत्र से संबंधित है। हनुमान जी का स्मरण करते रहो जल्द ही समाधान हो जाएगा। एक महिला ने बताया कि बेटे अभिषेक को ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाखों का नुकसान हो गया है। उन्होंने कहा 2026 तक सभी कार्य पूर्ण होने लगेंगे। मयूर विहार दिल्ली से आई देवी ने समस्या बताई तो उन्होंने कहा अभी प्रेतराज सरकार के दरबार में समस्या का समाधान हो जाएगा। इस बीच हाथ में ध्वज लेकर आए युवक की भी प्रेमविवाह की बात को महाराज ने सुना और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए कहते हुए आशीर्वाद दिया। इस बीच युवती ने परिवार से चोरी छिपे शादी करने की भी बात बताई। अर्जुन नाम के युवक से शादी के लिए आशीर्वाद दिया।
दरबार लगते ही संपूर्ण एंट्री हुई बंद
दिव्य दरबार के दौरान अत्यधिक भीड़ के चलते दरबार शुरू होने से एक घंटे पूर्व ही संपूर्ण एंट्री को बंद कर दिया गया। ऐसे में पंडाल के बाहर धूप में खड़े होकर लोग दरबार में अपने मौके इंतजार करते रहे। दिव्य दरबार में आचार्य ने पंडाल में दूर खड़े लोगों को भी शंका समाधान के लिए व्यास पीठ के पास नाम उच्चारण कर बुलाया।