रात भर अखिलेश यादव की कोठी के बाहर जागते रहे अतुल-योगेश
योगेश और अतुल प्रधान बुधवार की रात से लेकर बृहस्पतिवार की सुबह तक अखिलेश यादव की कोठी के बाहर जमे रहे। रात भर जागते रहे। अखिलेश यादव सुबह साढ़े सात बजे कार्यालय पहुंचे और सिंबल पर हस्ताक्षर कर योगेश वर्मा को दिया। इस दौरान अतुल प्रधान भी वहां थे। उन्होंने कहा कि उनका टिकट न काटा जाए। लेकिन अखिलेश यादव ने उनकी बात नहीं मानी।
मायूस अतुल के इस्तीफा देने की चर्चा फैली
टिकट कटने पर अतुल प्रधान मायूस हो गए। चर्चा हुई कि अतुल ने विधायक और पार्टी से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। हालांकि, इन सब से अतुल ने इंकार किया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी का फैसला स्वीकार करते हैं।
गिले-शिकवे दूर किए, पर बात नहीं बनी
अतुल ने टिकट से पहले दावेदारों से मान मनोव्वल कर ली थी। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, शहर विधायक रफीक अंसारी, राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा से पुराने गिले शिकवे मिटाने की कोशिश की। आखिर में योगेश भारी पड़ गए। वर्मा के नामांकन में रफीक अंसारी, आकिल मुर्तजा और राजपाल सिंह साथ रहे। अतुल के नामांकन में ये लोग शामिल नहीं थे। शाहिद मंजूर उमरा करने सऊदी अरब गए हुए हैं।
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टिकट कटने का फैसला कठिन होता है, लेकिन पार्टी का निर्णय स्वीकार है। प्रत्याशी को चुनाव लड़वाएंगे। - अतुल प्रधान, विधायक, सपा
टिकट को लेकर सब प्रयास करते ही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के भरोसे पर खरा उतरेंगे। सबको साथ लेकर चुनाव लड़ेंगे। - योगेश वर्मा, पूर्व विधायक हस्तिनापुर