राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक के समक्ष हवाई उड़ान का प्रस्ताव रखा। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी और उनकी तकनीकी टीम ने हवाई पट्टी का मुआयना किया। मौजूदा जमीन पर 2280 मीटर लंबा और 220 मीटर चौड़ा रनवे बन सकता है। इस पर 72 सीटर विमान के उड़ान की स्वीकृति एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दे दी।
हवाई उड़ान शुरू करने से पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नियमानुसार हवाई पट्टी की मौजूदा जमीन को अपने अभिलेख में दर्ज कराने की बात जिला प्रशासन के समक्ष रखी। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट और सदर एसडीएम ने जमीन की पैमाइश कर दस्तावेज खंगाले।
विकास प्राधिकरण, किसानों की जमीन को एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में कराने के लिए 23 करोड़ रुपये की आवश्यकता होने की जानकारी शासन को दी, मगर जिला प्रशासन न तो 23 करोड़ रुपये मुहैया करा पाया और न ही जमीन को लेकर निर्णय हुआ। इसके चलते हवाई उड़ान का सपना पूरा नहीं हो रहा है। मुरादाबाद, सहारनपुर सहित कई जनपदों में हवाई उड़ान शुरू हो रही है। सवाल यह है कि मेरठ में उड़ान कब शुरू होगी।
परतापुर से हवाई उड़ान की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में जमीन दर्ज होना बाकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मुआयना कर लिया है। 23 करोड़ रुपये शासन से दिलवाने की बात चल रही है, जल्द ही हवाई पट्टी पर काम शुरू हो जाएगा। - डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यसभा सदस्य
हवाई पट्टी की पैमाइश हो चुकी है। पत्राचार चल रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जो प्रक्रिया रुकी है, उसे जल्द पूरा कराया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और 72 सीटर विमान के उड़ान के लिए मुआयना कराया है। -वीके सिंह, डीएम