हवाई उड़ान का सपना चुनाव बाद तेजी से पूरा होगा। बुधवार को परतापुर हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट अथॉरिटी, डीजीसीए और जूम एयरवेज कंपनी की टीम ने पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया। टीम ने हवाई पट्टी और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ पेंच फंसते नजर आए, लेकिन मौके पर मौजूद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इन्हें दूर कराने का आश्वासन दिया। इस पर टीम ने चुनाव बाद हवाई पट्टी विस्तारीकरण पर काम करने की बात कही।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जीएम अरुण मेहान, ज्वाइंट जीएम अनिल कालरा, इंदु प्रकाश, जयकुमार व डीजीसीए के इंजीनियर मोतीराम के साथ जूम एयरवेज के एक पायलट और तकनीकी सदस्य बुधवार दोपहर हवाई पट्टी पर पहुंचे। यहां पहले से मौजूद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने टीम को हवाई पट्टी के आसपास के नक्शे को दिखाया। उन्होंने कहा कि दो किसानों का सुप्रीम कोर्ट में विवाद चल रहा है, लेकिन बाकी को मुआवजा दिया जा चुका है। इन किसानों का मुआवजा भी सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दिया जाएगा, कोर्ट मालिकाना हक तय कर उन्हें पैसा दे देगा।
निरीक्षण के बाद अथॉरिटी के अफसरों ने कहा कि विस्तारीकरण के लिए 406 एकड़ जमीन चाहिए। इसके साथ ही विस्तारीकरण पर करीब 643 करोड़ की लागत आएगी। इस समय हवाई पट्टी की लंबाई डेढ़ किलोमीटर है, इसे बढ़ाकर तीन किलोमीटर गगोल की ओर विस्तार करना होगा। इस पर डॉ. वाजपेयी ने कहा कि गगोल तीर्थ स्थल है और वहां मेला भी लगता है। इसलिए उस तरफ जमीन नहीं ली जा सकती। ऐसे में हमें दूसरी तरफ जमीन लेनी होगी। इसका निरीक्षण करने पर पाया गया कि वर्तमान रनवे का पूरा रूप ही बदल जाएगा और उसे दोबारा से बनाना होगा। इस पर भी टीम ने सहमति जताई। इस दौरान अथॉरिटी अफसरों ने कई बिंदुओं पर गहनता से निरीक्षण किया और उसे नोट किया। एएआई के जीएम अरुण मेहान ने कहा कि पहले बेसिक जरूरतों को पूरा किया जाएगा। विस्तारीकरण के बाद यहां से 80 से 100 सीटर विमान उड़ान भर सकेंगे।
एयरपोर्ट एंक्लेव पर गिर सकती है गाज
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों ने हवाई पट्टी के आसपास का जायजा लिया। इस दौरान वह एयरपोर्ट एंक्लेव को देखकर चौंक गए। उन्होंने कहा कि यहां बिल्डिंग किसने बना दी, यहां से इसे हटाना पड़ेगा। इस पर बताया गया कि एमडीए ने इस एंक्लेव को बनाने के लिए एएआई से अनुमति मांगी थी, लेकिन एएआई ने एनओसी नहीं दी थी। बावजूद इसके यहां पर बिल्डिंग खड़ी कर दी। इसके अलावा विद्युत विभाग के एक ऊंचे ट्रांसमिशन पोल को भी हटाने की बात कही।
चुनाव बाद शुरू होगा काम
एएआई के जीएम अरुण मेहान ने कहा कि अभी जो जमीन उपलब्ध है, उसे कब्जे में लेकर काम शुरू होगा और बाकी की जमीन को भी प्रदेश सरकार से शीघ्र उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद ही हवाई उड़ान का पूरा मसौदा तैयार होगा। मेहान ने कहा कि चुनाव बाद इस दिशा में तेजी से काम होगा। यदि जमीन आदि समय से उपलब्ध हो गई तो करीब 6 माह में हवाई उड़ान शुरू हो सकती है।