सरधना/मेरठ। कपसाड़ कांड के बाद अब पांच जनवरी को हुए रोहित हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को ज्वालागढ़ गांव पहुंचे कश्यप सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने गांव में भीड़ एकत्रित करने से मना किया। इसका कार्यकर्ताओं ने विरोध और हंगामा किया। स्थिति को काबू में करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया गया। इसके बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मुजफ्फरनगर शहर के हनुमान चौक स्थित मोहल्ला किला निवासी रोहित की उसकी मौसी के घर ज्वालागढ़ जाने के दौरान हत्या हुई थी। रोहित की मौसी के परिजनों ने बताया कि मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे कश्यप सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित कश्यप, सुनील कश्यप अन्य कार्यकर्ताओं के साथ उनसे मिलने पहुंचे थे। कार्यकर्ता और ग्रामीण वहां बैठकर वार्ता कर रहे थे। सूचना पर सीओ सरधना और सीओ किठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह यहां आकर भीड़ क्यों लगा रहे हैं। इस बात पर कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा करने लगे। इस दौरान अन्य ग्रामीण भी पुलिस का विरोध करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई।
इस घटना के बाद आजाद समाज पार्टी व अन्य राजनीतिक दल के कार्यकर्ता भी ज्वालागढ़ पहुंचे। उन्होंने इस घटना की निंदा की। इस मौके पर आजाद समाज पार्टी के संजीव पाल, डॉ. ओमप्रकाश, एडवोकेट चरन सिंह जिलाध्यक्ष, भीम सिंह एडवोकेट, जुबैर चौधरी, रामकिशोर और नितिन सतवाई मौजूद रहे।
रोहित हत्याकांड का खुलासा कर चुकी है पुलिस
मुजफ्फरनगर निवासी रोहित उर्फ सोनू पांच जनवरी को अपनी मौसी के घर ज्वालागढ़ जा रहा था। सलावा मार्ग पर नाबालिग टेंपो चालक से गाने की आवाज कम करने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी टेंपो चालक ने रोहित से दोस्ती कर शराब पी। इसके बाद टेंपो चालक ने रोहित के सिर पर ईंट से हमला कर हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे मोबिल ऑयल डालकर जला दिया। पुलिस ने अधजले शव को बरामद कर आरोपी टेंपो चालक को पकड़कर वारदात का खुलासा किया था। कपसाड़ कांड के तूल पकड़ने के बाद विपक्षी दलों ने इस मामले को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार इलाके की निगरानी कर रही है। इस घटना के बाद मृतक की मौसी मदनवती के घर ज्वालागढ़ पर राजनीतिक दलों के लोग लगातार पहुंच रहे हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि सरधना क्षेत्र में हुई इस घटना का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में वारदात का खुलासा किया था। नाबालिग टेंपो चालक को पकड़कर उसे कोर्ट के आदेश का बाल सुधार गृह भेजा गया है। मृतक और आरोपी पहले से पूर्व परिचित नहीं थे।
सरधना। गांव ज्वालागढ़ में सोनू कश्यप की हत्या के मामले समाज के लोगों का विरोध के चलते मौजूद पुल