अंजली की शिकायत के बाद सुरेश भाटी, यशपाल समेत पांच लोगों पर डकैती का मुकदमा हुआ और वे जेल गए। ऐसे में अंजली का सबसे ज्यादा नफरत यही लोग करते थे। अंजली की हत्या के ठीक बाद से सुरेश भाटी और यशपाल के मोबाइल बंद हैं। दोनों ही घर से फरार हैं। नीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का मानना है कि दोनों इस घटना में शामिल हो सकते हैं, इसलिए फरार हैं। इन सबमें सुरेश भाटी सबसे दबंग भूमिका में है। उसने सहारनपुर में एक दरोगा से सेटिंग करने के बाद अंजली के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऐसे में पुलिस का सबसे पुख्ता शक उसी पर है। माना जा रहा है कि उसने नीरज को अंजली हत्याकांड की साजिश में शामिल किया। पूरी प्लानिंग बनाई गई। इसके बाद शूटरों से घटना को अंजाम दिला दिया।
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हत्या के बाद न होगी पैरवी, करोड़ों की संपत्ति से छूटेगा कब्जा
सबको पता था कि अंजली अकेली रहती है। मायके वालों से भी उसका कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में अगर उसकी हत्या हो जाएगी तो कोई पैरवी भी नहीं करेगा। करोड़ाें की संपत्ति से भी कब्जा छूट जाएगा। पुलिस का मानना है कि एक साथ मिलकर उसके कई दुश्मनों ने पूरी साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिलाया है।
ये है घटना
टीपीनगर में शेखो पेट्रोल पंप के पीछे न्यू मेवला कालोनी में रहने वाली महिला अधिवक्ता डॉ. अंजली गर्ग की बुधवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नितिन गुप्ता से तलाक के बाद अंजली गर्ग यहां पर अकेली रहती थीं। उनका पूर्व ससुर पवन गुप्ता से मुकदमा चल रहा था। अंजली रोज की तरह सुबह साढ़े छह बजे डेयरी से दूध लेने गई थीं। दूध लेने के बाद वो वो घर के गेट पर पहुंची तो पीछे से आए स्कूटी सवार युवकों ने कनपटी से सटाकर गोली मार दी थी। अंजली की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्याकांड में अंजली के परिजनों ने पूर्व पति नितिन गुप्ता और उसके पिता पवन गुप्ता को नामजद करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया हुआ है। इनके अलावा अंजली से जिन लोगों को विवाद था उन सभी के परिजनों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है।