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विश्व खाद्य दिवस आज: मिलावट का खेल, खाद्य पदार्थों के 312 नमूनों में से 302 सैंपल फेल

Sun, 16 Oct 2022 03:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल लगातार जारी है। इस तरह की कार्रवाई होती रहती है, लेकिन मिलावटखोर सुधर नहीं रहे हैं। सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं।
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मिलावटी मावा नष्ट कराते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खाएं तो क्या खाएं। मिलावट से शायद ही कोई खाने की चीज अछूती रह गई है। मुनाफे के लिए मिलावटखोर दूध, पनीर, तेल, मिर्च और हल्दी जैसी रोजमर्रा की चीजों को धीमा जहर बनाकर बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की पिछले छह माह की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 312 में से 302 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकले हैं। यह भयावह स्थिति है। यही वजह है कि लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्तूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है।

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इस साल अप्रैल से सितंबर तक एफएसडीए की टीमों ने 2365 स्थानों का निरीक्षण किया। 247 मुकदमे दायर किए और 99 में कोर्ट ने आरोपियों पर जुर्माना लगाया। इन मामलों में तीन करोड़ 30 लाख 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
 

इस तरह की कार्रवाई होती रहती है, लेकिन मिलावटखोर सुधर नहीं रहे हैं। सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं। जिले में पिछले पांच साल में सजा का कोई मामला नहीं है। जिन खाद्य पदार्थों में ज्यादा मिलावट मिली है, उनमें गुड़, सरसों का तेल, ब्रेड, धनिया पाउडर, बिस्किट, खोया, नमकीन और भैंस का दूध आदि शामिल हैं।

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दिल, गुर्दे और आंतों के लिए खतरनाक
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिलावटी खाने से किडनी और पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। ऐसे खाने से दूर रहें। मिलावटी तेल और घी का दिल पर तेजी से असर होता है। धमनियों में चिकनाई जम जाती है। हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

जारी है कार्रवाई
अभिहित अधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है। सितंबर माह में ही 47 लाख रुपये वसूला गया है। इस माह भी 50 से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं।

खाद्य पदार्थों के लिए ये हैं नियम
  • खाद्य सामग्री खुले में न रखें
  • शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें
  • संक्रामक रोग से ग्रसित कर्मचारियों को खाद्य निर्माण प्रतिष्ठान में न रखें
  • बर्तन साफ और धुले हुए हों
  • बासी खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें
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