कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। कस्बे के दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में पंचमेरू नंदीश्वद्वीप जिनालय में चल रहे श्री सिद्धचक्र विधान के पांचवें दिन जाप अनुष्ठान एवं मुख्य वेदी के अभिषेक और शांतिधरा की गई। आचार्य 108 विमर्श सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि मनुष्य को जीवन में मन-वचन-काय से नित्य देव दर्शन कर अपने नित्य के क्रिया कलापों में लगना चाहिए तथा जीवन में राग द्वेष ईर्ष्या आदि से विरक्त होकर आत्म कल्याण के साथ-साथ दूसरों के सुख की कामना करने से जीवन सुख, शान्ति, समृद्धि को प्राप्त करेगा।
शंतिधारा करने का सौभाग्य कमला जैन, मंजू जैन, पर्व जैन, शनाया जैन को प्राप्त हुआ। पंचमेरु नंदीश्वरद्वीप जिनालय के साथ भगवान शांतिनाथ की पूजा अर्चना की गई। उसके बाद श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान करते हुए 256 अर्घं माण्डले पर समर्पित किए। अनिल जैन, सुकांत जैन, आदर्श जैन, जीवेंद्र जैन, सुभाष जैन, अनंतवीर जैन, प्रवीण जैन को मौजूद रहे।