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अंडर गारमेंट मामले में बैकफुट पर प्रशासन, ट्रोल होने पर खूब हुई फजीहत, अब दर्ज मुकदमा एक्सपंज

Tue, 24 Sep 2019 01:40 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मास्टर विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विश्व के सबसे लंबे रिकॉर्डधारी धरने को पांच मिनट में हटवाने और धरनारत मास्टर विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के मामले में पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर है। सोशल मीडिया पर ट्रोल होने व फजीहत होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने पंजीकरण के चार दिन बाद ही विजय सिह के खिलाफ दर्ज मुकदमे को एक्सपंज कर दिया है।

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शामली जनपद के चौसाना में सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने के लिए विजय सिंह द्वारा कलक्ट्रेट में पिछले 24 साल से धरना दिया जा रहा है। यह धरना सबसे लंबे समय से लगातार चलने के कारण कई रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो चुका है। बुधवार सुबह डीएम कुमारी सेल्वा जे ने कलक्ट्रेट से विजय सिंह का धरना उठवा दिया था। इसके बाद सिविल लाइंस थाने में नाजिर संजय की ओर से विजय सिंह के खिलाफ धारा-509 आईपीसी के तहत रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। अंडर गारमेंट्स सुखाने को लेकर दर्ज किए गए इस मुकदमे में पुलिस-प्रशासन को लगातार सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था। 

वहीं, देशभर में इसे लेकर जिला प्रशासन की छीछालेदर भी हो रही थी। इसी बीच तीन दिन पूर्व गांव निरमाना निवासी कृष्णपाल ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को उक्त अंडर गारमेंट्स अपने होने का दावा करते हुए शपथपत्र दिया था, जिसके बाद से यह मामला पुलिस के गले की फांस बन गया था।
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यह भी पढ़ें: यूपी: खुले में अंडर गारमेंट सुखाना पड़ा महंगा, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान द्वारा भी विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने को लेकर नाराजगी जताई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही लगातार फजीहत होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने रविवार देर रात उक्त मुकदमा एक्सपंज कर दिया है। एसओ सिविल लाइंस समयपाल अत्री ने बताया कि ग्रामीण कृष्णपाल द्वारा शपथपत्र दिए जाने के कारण विजय सिंह के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे को एक्सपंज कर दिया गया है। 

जल्दबाजी में दर्ज किया गया था मुकदमा
विजय सिंह के खिलाफ 18 सितंबर की रात नाजिर संजय की तहरीर पर आनन-फानन में धारा-509 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। मुकदमा दर्ज कराने की जल्दबाजी में अफसरों ने यह तक पता लगाने की कोशिश नहीं की कि आखिर कलक्ट्रेट में सुखाए जा रहे अंडर गारमेंट्स विजय सिंह के हैं भी या नहीं। इसी का नतीजा रहा कि मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन को न केवल सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल होना पड़ा, वहीं शासन स्तर तक भी प्रशासन को फजीहत झेलनी पड़ी। अफसरों का मानना है कि मुकदमा दर्ज कराने के लिए बेहद जल्दबाजी की गई, जितनी जल्द मुकदमा दर्ज हुआ, उसी तेजी के साथ इसे एक्सपंज भी करना पड़ गया।

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