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डॉक्टरों का मॉड्यूल खोल रहा नए राज: आखिर एक साल कहां था डॉ. आदिल? देवबंद कनेक्शन चीन-तुर्किये तक पहुंचा

Sat, 15 Nov 2025 02:39 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

दिल्ली धमाका केस में गिरफ्तार डॉ. आदिल का देवबंद से जुड़ाव, चीन और तुर्किये की यात्राएं और डॉक्टरों के व्यापक नेटवर्क के खुलासे ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। खुफिया एजेंसियां उसके पिछले एक साल की गतिविधियों, संपर्कों और संपत्तियों की गहराई से जांच कर रही हैं।
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डॉ आदिल का फाइल फोटो, अस्पताल और अन्य डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली धमाका केस में जांच एजेंसियों ने दो यू-ट्यूबरों को हिरासत में लेकर डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में उनके डॉ. आदिल और डॉ. बाबर से जोड़ने वाले कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले। खुफिया टीमें आदिल के घर और संपर्क में आए लोगों की निगरानी कर रही हैं।

जांच में सामने आया है कि डॉ. आदिल अस्पताल से छुट्टी मिलते ही अक्सर देवबंद पहुंचता था। वह किससे मिलता था और वहां क्या करता था-यह अब भी स्पष्ट नहीं है। देवबंद की संवेदनशीलता और दारुल उलूम की अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए एजेंसियों ने इस एंगल पर गहराई से काम शुरू कर दिया है। उसके मोबाइल में कश्मीरी छात्रों के कई नंबर मिलने से जांच और भी गंभीर मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें: Delhi Blast Case: वी-ब्रॉस अस्पताल में खुफिया एजेंसियों ने खंगाला डॉ. आदिल का रिकॉर्ड, दस्तावेज कब्जे में लिए

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डॉ. आदिल अहमद - फोटो : अमर उजाला
चीन और तुर्किये की यात्राएं, आधिकारिक पुष्टि नहीं, पर जांच तेज
जांच दायरा बढ़ने पर पता चला है कि आदिल चीन और तुर्किये की यात्रा कर चुका है। स्थानीय स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एजेंसियां उसके पासपोर्ट, इमिग्रेशन रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और विदेश संपर्कों की जांच कर रही हैं। विदेश यात्राओं ने नेटवर्क को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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आदिल अहमद राथर - फोटो : सोशल मीडिया
न घर पर था, न नौकरी पर-एक साल कहां रहा आदिल?
जांच में यह भी सामने आया कि नवंबर 2024 से पहले लगभग एक साल तक डॉ. आदिल का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। वह न अपने घर पर था और न किसी अस्पताल में कार्यरत मिला। खुफिया एजेंसियां इस अवधि में उसकी गतिविधियों, संपर्कों और लोकेशन हिस्ट्री की गहराई से जांच कर रही हैं। इसी दौरान उसने अंबाला रोड पर एक प्लॉट भी खरीदा था, जहां कथित तौर पर अस्पताल बनाने की तैयारी थी।

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भाई परवेज का क्लीनिक और आदिल से संपर्क चर्चा में
दिल्ली विस्फोट मामले में गिरफ्तार हुई डॉ. शाहीन भी सहारनपुर आ चुकी है। उसका भाई डॉ. परवेज यहां क्लीनिक चलाता है और आदिल से उसका संपर्क भी बताया जा रहा है। यह कड़ी सामने आते ही डॉक्टरों के इस मॉड्यूल ने बड़ा रूप ले लिया है, जिसका विभिन्न शहरों से जुड़ाव जांच को और जटिल कर रहा है।
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आरोपी चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
डॉ. परवेज भी शक के दायरे में तीन मकान बदले, निजी जीवन विवादों में 
डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज सईद अंसारी ने सहारनपुर में रहते हुए तीन मकान बदले। वह न पार्टियों में जाता था, न समारोहों में। निजी जीवन में पत्नी से विवाद और अलगाव जैसी बातें भी सामने आई हैं। टीचर कॉलोनी, नमक मिल और होमगार्ड वाली गली में रहने के दौरान वह कम ही लोगों से घुलता-मिलता था। इन सब वजहों से एजेंसियों ने परवेज की गतिविधियों को भी गंभीरता से लिया है।
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डॉ ममता, व वी ब्रॉस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
पैरामाउंट कॉलोनी में भी रहा आदिल, दो अस्पतालों में कर चुका है काम
अनंतनाग मूल निवासी आदिल मानकमऊ के अलावा पैरामाउंट कॉलोनी में भी रहा था। वह पहले वी-ब्रॉस और फिर फेमस मेडिकेयर अस्पताल में तैनात रहा। दोनों जगह वह ऑटो से आता-जाता था और स्टाफ से भी बहुत कम बातचीत करता था। उसके व्यवहार और लो-प्रोफाइल मूवमेंट ने जांच टीम का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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डॉ. आदिल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉक्टर मॉड्यूल ने बढ़ाई एजेंसियों की सतर्कता 
सहारनपुर, देवबंद, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और विदेश यात्राओं तक फैले इन डॉक्टरों के नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। आदिल से जुड़े हर व्यक्ति, उसकी आर्थिक गतिविधियों, यात्राओं और सोशल नेटवर्क का तकनीकी विश्लेषण जारी है। जांच बढ़ने के साथ और भी नए खुलासों की संभावना है।
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