मेरठ। सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में पीएचडी के जिन छात्र-छात्राओं को अप्रैल तक थीसिस जमा करनी थी, उनको अक्तूबर तक अतिरिक्त समय मिल चुका है। ऐसे में अगर अब भी उनकी थीसिस जमा नहीं हुई तो अतिरिक्त शुल्क जमा करने के बाद वे छह माह का अतिरिक्त समय ले सकते हैं।
पीएचडी में थीसिस जमा करने के लिए न्यूनतम तीन साल शोध आवश्यक है। अधिकतम पांच साल में थीसिस जमा की जा सकती है। विशेष परिस्थितियों में विवि अतिरिक्त समय दे सकता है। कोविड-19 की वजह से मार्च के बाद सारे कॉलेज आज तक बंद हैं। ऐसे में सात महीने से अधिक समय से छात्र-छात्राएं फील्ड वर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। जिन छात्र-छात्राओं को अप्रैल-मई में थीसिस जमा करनी थी, उनका भी कार्य अटका पड़ा है।
विवि की प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला का कहना है कि ऐसे छात्र-छात्राएं जिनका कोविड-19 के समय में शोध कार्य पूरा नहीं हो पाया है, उनको यूजीसी की तरफ से छह माह का अतिरिक्त समय देने के निर्देश दिए गए थे, ऐसे में अक्तूबर तक उनको समय दिया जा चुका है। इसके बाद अगर किसी की थीसिस का काम बाकी है और वह छह महीने का अतिरिक्त समय बढ़वाना चाहता है तो उसको निर्धारित शुल्क विवि में जमा करके समय दिया जाएगा ताकि छात्र-छात्रा का नुकसान न हो। इसके बाद अतिरिक्त समय नहीं बढ़ाया जाएगा। विवि के इस निर्णय से पीएचडी के छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ होगा। ब्यूरो