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बैनामा न कराने वाले किसानों की जमीन का होगा अधिग्रहण

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मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जाने वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की जा रही है। अभी तक मेरठ के 12 गांवों के 80 प्रतिशत किसानों ने बैनामे करा लिए हैं। वहीं, जो किसान बैनामे कराने के लिए राजी नहीं है उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए 47 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसमें संस्था का चयन कर सोशल सर्वे कराया जाएगा। इस कार्य में तीन महीने का समय लगेगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट यूपीडा से ले रहे हैं। जिससे जल्द प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया जा सके। इसके लिए जून-2021 तक सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने प्रोजेक्ट को पीछे कर दिया। अब 181 हेक्टयेर में से 47 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के अर्जन की शुरुआत की जाएगी। यूपीडा की ओर से साप्ताहिक जमीन प्रक्रिया की रिपोर्ट अपडेट की जा रही है। मेरठ में 12 गांवों के किसानों को 100 करोड़ से अधिक का मुआवजा बांटा जा चुका है। वहीं, अब जमीन अधिग्रहण के लिए अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए 23 जुलाई तक संस्था का चयन करने के लिए आवेदन मांगे गए है। यदि कोई प्रस्तावित भूमि का विवरण खसरा संख्या, क्षेत्रफल, प्रभावित व्यक्ति की जानकारी लेना चाहता है तो एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति कार्यालय में देख सकता है। एक्सप्रेसवे में सबसे अधिक बिजौली और बधौली के किसानों ने जमीन का बैनामा अभी तक नहीं कराया है।
छह जुलाई तक 142 हेक्टेयर जमीन खरीदी
छह जुलाई तक की मेरठ की यूपीडा द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 142 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है। अभी 41 हेक्टयेर जमीन की खरीद बची है। अभी तक 12 गांवों के 861 किसानों को लाभ मिल चुका है। जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया का 73 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
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इन गांवों की ली गई जमीन
बिजौली - 12.5258 हेक्टेयर, बधोली- 19.8990, भगवानपुर- 3.4107, खड़खड़ी- 0.9400, गोविंदपुर- 1.5280, शाफियाबाद लौटी- 2.6700, अटौला- 3.8380, अतराड़ा- 2.7570 हेक्टेयर।
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अधिग्रहण किया जाएगा
जो किसान बैनामे के लिए राजी नहीं है। उनसे जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। सरकार के एक्ट के अनुसार प्रक्रिया की जाएगी। जिससे प्रोजेक्ट की गति बढ़ाई जा सके। -सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति
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