गंगा किनारे जन कल्याण की भावना से भू समाधि लेकर तपस्या करते दिनेश शर्मा स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा मेले में विभिन्न रंग नजर आए। जनकल्याण के लिए प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के आचार्य ने भू समाधि लेकर 24 घंटे तक जन कल्याण की कामना से तपस्या की।
कार्तिक पूर्णिमा पर साधु संतों ने गंगा किनारे पहुंचकर विभिन्न तरीकों से गंगा मां की पूजा-अर्चना की। दूसरी ओर प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के आचार्य दिनेश शर्मा ने विश्व कल्याण की कामना के लिए मखदूमपुर गंगा घाट पर भू समाधि लेकर 24 घंटे तपस्या की। उन्होंने बताया कि जनकल्याण और जिन लोगों का इस दुनिया में कोई नहीं है उनके मोक्ष की कामना को लेकर उन्होंने मंगलवार की शाम को गंगा पर दीपदान किया। इसके बाद भू समाधि ली। बुधवार शाम 24 घंटे बाद वह जमीन से बाहर निकले। इस दौरान उन्होंने अपना पूरा शरीर उन्होंने गंगा के रेतीले मैदान में अर्पित कर दिया और लगातार भगवान का स्मरण करते रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की भक्ति से जन कल्याण होगा। उन्होंने पहली बार यह तपस्या की है। आने वाले समय में वह अपनी तपस्या का समय और अधिक बढ़ाएंगे।