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मेरठ : ऋषभ स्कूल के घोटाले में रणजीत जैन बेंगलूरू से गिरफ्तार, शिकंजा कसते ही हुआ था फरार

Sun, 13 Jun 2021 02:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पुलिस दावा कर रही है कि पुलिस के बंगलूरू जाने की बात रंजीत को पता चल गई थी। वह हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचा। उसी हवाई जहाज में पुलिस टीम भी थी। उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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मेरठ कैंट स्थित ऋषभ स्कूल के घोटाले में सदर बाजार पुलिस ने नामजद आरोपी रंजीत जैन को बंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में स्कूल की प्रधानाचार्या याचना भारद्वाज पहले ही जेल जा चुकी है।

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प्रधानाचार्या के जेल जाने के बाद रंजीत अपनी बेटी के पास बंगलूरू में चला गया था। वहां वह एक फ्लैट में रुका था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वहीं, पुलिस का दावा है कि आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया है।

पांच नवंबर 2020 को सदर बाजार थाने में ऋषभ स्कूल के सचिव रंजीत जैन और प्रधानाचार्या याचना भारद्वाज के खिलाफ 52 लाख रुपये के गबन के आरोप में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने नामजद आरोपी प्रधानाचार्या को दो महीने पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने शिकंजा कसा तो आरोपी रंजीत जैन मेरठ से भाग गया। नामजद आरोपी रंजीत जैन का पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लिया था। सटीक सूचना के बाद अनुमति लेकर पुलिस शुक्रवार को हवाई जहाज से बंगलूरू पहुंच गई। यहां से आरोपी रंजीत को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद पुलिस आरोपी को मेरठ लेकर आई।
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हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि पुलिस के बंगलूरू जाने की बात रंजीत को पता चल गई थी। वह हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचा। उसी हवाई जहाज में पुलिस टीम भी थी। उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। सदर बाजार पुलिस अभी आरोपी से पूछताछ कर रही है। एएसपी कैंट सूरज राय का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश करेंगे।

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विद्यार्थियों के भविष्य पर किसी की नजर नहीं
स्कूल के सचिव रहे रंजीत जैन की पोल खोलने के लिए बड़ी प्लानिंग की गई। शिक्षिकाओं ने भी रंजीत और उसके बेटे के आचरण को लेकर सवाल भी उठाए थे। यह मामला कमिश्नर तक पहुंचा। स्कूल के घोटाले और अन्य प्रकरण में सिर्फ पुलिस की कार्रवाई ही दिखाई दे रही है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है,इस पर किसी विभाग की नजर नहीं है।

याचना भारद्वाज और अब रंजीत जैन की गिरफ्तारी के बाद अगला टारगेट कौन है, इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि विवेचक गौरव का कहना है कि पुलिस की जांच में कई ओर नाम सामने आए हैं। उन पर कार्रवाई होनी है।
 
यह सेटिंग है या फिर कोई संयोग...
यह सेटिंग है या फिर कोई संयोग। ऋषभ स्कूल के घोटाले की जांच सदर बाजार के एसएसआई गौरव कुमार कर रहे हैं। इस मामले में दो नामजद आरोपी हैं। जब भी एसएसआई ने आरोपी गिरफ्तार किए हैं, तभी इंस्पेक्टर छुट्टी पर गए। याचना भारद्वाज की गिरफ्तारी के दौरान भी इंस्पेक्टर छुट्टी पर थे और शनिवार को रंजीत जैन की गिरफ्तारी हुई, तब भी छुट्टी पर रहे।

गजब का संयोग है कि जैसे ही विवेचक गौरव दो पुलिस वाले राजीव मलिक और अंकित के साथ बंगलूरू में पहुंचे, तभी आरोपी रंजीत खुद बंगलुरू से मेरठ के लिए चल दिए। इसका पता लगते ही पुलिस की टीम भी उसी हवाई जहाज में बैठी, जिसमें रंजीत था।

पुलिस के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर आते ही पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। हवाई जहाज का किराया किसने दिया, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस दावा कर रही कि दूरदराज से आरोपी को पकड़ने के लिए और पुलिस विभाग से खर्च मिलता है।
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