मेरठ। 727 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोपी योगेंद्र कुमार को न्यायालय विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया है। योगेंद्र पर पर फर्जी रिटेल विक्रय दिखाकर बड़ी पान और मसाला कंपनियों को सुपारी बेचने का आरोप है।
विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य कुमार ने बताया कि योगेंद्र कुमार मैसर्स अम्बे फ्लेवर्स और मैसर्स महालक्ष्मी फ्लेवर्स के प्रोप्राइटर हैं। उन्होंने अवैध रूप से 1.43 करोड़ किलो सुपारी की आपूर्ति की। यह सुपारी आशकी और केश गोल्ड जैसी कंपनियों को बेची गई थी। सुपारी अवध, असम और कर्नाटक से मंगाई जाती थी। इस सुपारी की कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये बताई गई है। जिसमें लगभग 727 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई है। इस मामले में पहले भी शिवम द्विवेदी और दिलीप कुमार झा सहित चार आरोपी जेल जा चुके हैं।
योगेंद्र कुमार को 2 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदनी ने पर्याप्त आधार पाए। आरोपी योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव को 15 अप्रैल 2026 तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वह हरी नगर, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के निवासी हैं। न्यायालय ने 15 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा पेश करने का आदेश दिया है।