प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज
सुप्रीर्म कोर्ट ने 16 दिसंबर 2016 को रितिका की ओर से जमा कराए गए 86 लाख रुपये जब्त कर लिए। इसके बाद प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज कर दी गई। ईओडब्ल्यू ने विवेचना पूरी कर तीन अक्तूबर 2017 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
5 अक्तूबर 2017 को बुलंदशहर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद वीरकरन व रितिका अवस्थी को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए रेडकार्नर नोटिस जारी हुआ। विदेश मंत्रालय ने अभियुक्तों को लाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा।
लंदन में गिरफ्तार, गौतमबुद्धनगर में रहेंगे
पुलिस का कहना है कि गृहमंत्रालय ने अवगत कराया है कि प्रत्यर्पण सही पाए जाने के बाद दोनों को लंदन (यूके) में करीब दस दिन पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। शासन ने जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में निरुद्ध किए जाने पर सहमति व्यक्त की है। जिला जेल गौतमबुद्धनगर ने गृहमंत्रालय के विधिक सलाहकार को आख्या भेज दी है। इस कार्रवाई में आर्थिक अपराध शाखा मेरठ के एसपी रामसुरेश यादव और इंस्पेक्टर केपी शर्मा की अहम भूमिका रही। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, आरोपियों ने बुलंदशहर, अलीगढ़, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी केस दर्ज हैं।