सराफा व्यापारियों ने बताया कि पुलिस पहले इस घटना को संदिग्ध मानती रही। लेकिन जब उन्हें हलवाई की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई, तो घटना होना मानकर पुलिस बैकफुट पर आ गई।
पहले भी हुईं घटनाएं, बताओ क्या किया
पुलिस अफसरों ने हंगामा कर रहे सराफा व्यापारियों से कहा कि पीड़ित सराफ को बुलाओ। जब तक पीड़ित नहीं आएगा पुलिस क्या करेगी। इस पर व्यापारी भड़क गए। कहा कि पुलिस से व्यापारियों का भरोसा उठ गया है। कुछ समय पहले बरेली के व्यापारी से लाखों का सोना ठगा था, रिपोर्ट भी लिखवाई लेकिन आज तक बदमाश नहीं पकडे़ गए। पुलिस उस घटना को ही फर्जी बताती रही। इससे पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। इसी तरह का गैंग बाजार में वारदात कर रहा है। सभी घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज भी दी गई। लेकिन आज तक बदमाश नहीं पकड़े गए । इसी वजह से पुलिस से व्यापारियों का भरोसा उठ रहा है।
सराफ की हुई मुखबिरी
व्यापारियों के अनुसार बदमाशों की संख्या पांच से छह हो सकती है, क्योंकि दो-तीन अन्य युवक वहां खडे़ सराफ की निगरानी कर रहे थे। इनमें एक ने मुंह पर रुमाल बांधा हुआ था, जो लोकल मुखबिर हो सकता है, जिसने पहचान के डर से चेहरा छिपाया हुआ था।
व्यापारियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारी नेता विजय आनंद ने बताया कि घटना को लेकर बृहस्पतिवार दोपहर मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक होगी। इसमें आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। पुलिस का रुख देखकर निर्णय होगा।
पास से गुजरी फैं टम पुलिस
व्यापारियों के अनुसार जब बदमाश घटना करने वाले थे, उस दौरान ही फैंटम पुलिस वहां से गुजरी थी। लेकिन उन्होंने भी पुलिस की वर्दी पहने इन बदमाशों पर ध्यान नहीं दिया कि ये कौन हैं और बाजार में क्या कर रहे हैं।
सराफ ने नहीं दी तहरीर : एसओ
एसओ देहली गेट विजय गुप्ता ने देर रात बताया कि पीड़ित की ओर से तहरीर नही मिली थी। पुलिस ने ही अपने स्तर से ही प्रयास किए। पता चला कि ये व्यापारी अंकित नाम के एक व्यापारी के यहां आया था। इसका नाम वीरपाल सिंह है और कासगंज का रहने वाला है। अंकित ने तहरीर देकर उसके साथ दो लाख की नगदी की ठगी के आरोप में तहरीर दी। जिस पर अज्ञात में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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