अंकित को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
कैराना में अपनी तैनाती के दौरान अंकित पत्नी और दोनों बच्चों के साथ कैराना के मोहल्ला गुंबद में अरविंद सिंघल के मकान में किराए पर रह रहा था, यहीं पर उसकी पत्नी नेहा ने दो माह पूर्व बेटे को जन्म दिया। बेटा पैदा होने की खुशी में अंकित ने कैराना कोतवाली में कार्यरत सभी पुलिस कर्मियों को दावत दी थी और कोतवाली की मैस में खीर और मटर पनीर की सब्जी बनवाकर खिलाई थी। सिपाही मैनपाल, विकास और अन्य पुलिस कर्मियों का कहना है कि अंकित बहुत मिलनसार था और हंसमुख था। उसका कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। उसके साथियों का कहना है कि अंकित अपनी डयूटी को पूरी गंभीरता से निभाता था और किसी भी परीस्थिति में घबराता नहीं था। उन्होंने कहा कि जांबाज साथी के चले जाने का बहुत दुख है।
परिवार की खुशियों को लगी नजर
किसान जयपाल सिंह के घर में खुशियां ही खुशियां थी। बड़ा बेटा यूपी पुलिस में सिपाही और छोटी पढ़ाई कर रहा था। जयपाल खुद खेती संभालता है। पोते और पोती से घर के आंगन में चार चांद लगे थे। लेकिन एकाएक मौत की नजर इस परिवार की सबसे बड़ी खुशी अंकित को लग गई। अंकित की मौत से जयपाल और उसका परिवार पूरी तरह टूट गए हैं।
सबका दुलारा था
पढ़ाई में बेहद होशियार था अंकित तोमर। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि सबके साथ अच्छा व्यवहार उसकी पहचान थी। यूपी पुलिस की भर्ती में पहली ही कोशिश में उसकी नौकरी लग गई। किसान परिवार को बेटे की नौकरी से हिम्मत मिली। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि सादगी पसंद और हमेशा तरक्की की बात करने वाले अंकित के इस तरह चले जाने की किसी को उम्मीद नहीं थी।
बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाई कई पुलिसकर्मियों की जान
मुठभेड़ के दौरान जब साबिर जंधेड़ी ने कारबाइन से गोलियां चलाईं, तो आदर्शमंडी थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, शामली कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम, कांस्टेबल नितिन मलिक बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से बाला बाल बचे। एसपी डाक्टर अजयपाल शर्मा के भी सीने पर दो गोलियां लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण बच गए। यदि पुलिस तैयारियों के साथ मौके पर नहीं पहुंचती तो ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता था।
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