एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार दोपहर विद्युत वितरण खंड प्रथम में तैनात अकाउंटेंट को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अकाउंटेंट ने जीपीएफ निकालने के नाम पर पॉवर कार्पोरेशन के स्वीपर से ही रिश्वत ली थी। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विद्युत विभाग में तैनात स्वीपर मुकेश कुमार लोहियानगर स्थित बिजलीघर पर तैनात हैं। वह वर्कशाप का भी काम देखते हैं। मुकेश कुमार का आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए जीपीएफ निकालने के लिए आवेदन किया था। लेकिन विद्युत वितरण खंड प्रथम में अकाउंटेंट पंकज खन्ना ने पैसा निकालने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी। इस पर मुकेश कुमार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन में की। जिसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने पूरे मामला जिलाधिकारी को बताया। शुक्रवार दोपहर पीड़ित ने जैसे ही अकांउटेंट को पांच हजार रुपये रिश्वत के दिए, उसी समय एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक अशोक राणा ने आरोपी अकाउंटेंट पंकज खन्ना को गिरफ्तार कर लिया। टीम आरोपी को सिविल लाइन थाने ले गई और पहुंची को सौंप दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन विजय कुमार ने बताया कि आरोपी अकाउंटेंट पंकज खन्ना निवासी मंडी चौक, थाना मुगलपुरा जिला मुरादाबाद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बाद में एंटी करप्शन की टीम में शामिल शारदा सिरोही, कुंवरपाल सिंह, उदयवीर और विजय कुमार ने जांच पड़ताल की।
मुझे फंसाया गया है
आरोपी पंकज खन्ना ने सिविल लाइन थाने में बताया कि मुकेश कुमार से उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली थी। मुकेश ने पांच हजार रुपये यह कहकर सौंपे थे कि बाबू जी के हैं वह आकर ले लेंगे। साजिश के तहत उसे फंसाया गया है।
स्वीपर से प्रभारी जेई बन गया था मुकेश
मुकेश बिजली विभाग में स्वीपर की पोस्ट पर लगा था, लेकिन जुगाड़बाजी के बल पर मुकेश का प्रमोशन टीजी-2 के पद पर हो गया था। इसके बाद चहेते अधिकारियों की मिलीभगत से प्रभारी जेई का पद भी हथिया लिया था। कई साल तक शहर के कई बिजलीघरों पर रहे मुकेश के खिलाफ भ्रष्टाचार में शिकायत हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट के प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने के आदेश के बाद मुकेश टीजी-2 पद से रिवर्ट होकर फिर से स्वीपर पद पर आ गया। वहीं इस संबंध में अधिशासी अभियंता प्रथम विद्युत वितरण खंड मेरठ मनोज कुमार का कहना है कि मुकेश एसडीओ तृतीय के कार्यालय में स्वीपर के पद पर तैनात है। उन्हें प्रकरण की जानकारी मिली है। स्वीपर का प्रमोशन टीजी-2 पद पर हो गया था। इसके बाद ही इसे प्रभारी जेई का चार्ज मिला था। मामले की जांच कराई जाएगी।