सुबह 11:45 बजे घटना हुई। पहला मजदूर रामचंद्र घायल अवस्था में दोपहर 12:30 बजे निकाला जा सका। हालांकि बाद में उसकी मौत हो गई। दोपहर 12:45 बजे राम प्रवेश मृत अवस्था में निकाला गया। आखिर में गुरु प्रसाद को दोपहर बाद 2:08 बजे पुलिस और दमकलकर्मियों ने निकाला। सीएफओ संतोष कुमार राय ने कहा कि राहत कार्य में मजदूरों को बचाने के लिए कड़ी मशक्कत की गई, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका।
थोड़ी देर पहले गिरती ढांग तो और बड़ा होता हादसा
ढांग गिरने से पहले मजदूरों ने साथ बैठकर आपस में बातचीत की। यदि थोड़ी देर पहले ढांग गिर जाती तो सातों मजदूरों की जान जा सकती थी। घटना से पहले सभी मजदूर साथ काम कर रहे थे। हादसे में जिन मजदूरों की जान बची, वह भी घटना के बाद से काफी देर तक दहशत में दिखे।