सड़कों पर जिन खास क्षेत्रों में गंभीर हादसाें में लोगों की जान जाती हैं। ऐसे 18 ब्लैक स्पॉट्स तो चिह्नित कर लिए गए। लेकिन पुलिस प्रशासन की टीमें खुद ही ऐसे स्थलों को भूल गई है। यहां न तो कोई स्पेशल ट्रैफिक प्लान बना और न ही नियमित रूप से पुलिस टीमों की चेकिंग हो रही है।
यह किया था प्लान तैयार
पिछले साथ जून में दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन ने एक प्लान तैयार किया था। जिलाधिकारी पंकज यादव ने इस बाबत सड़क सुरक्षा समिति को भी निर्देशित किया और पूरे जिले में सर्वे कराया गया। कहा गया कि ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएं जहां सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं।
27.50 लाख रुपये की थी मांग
सर्वे के बाद 18 स्थान ब्लैक स्पॉट्स के रूप में चिह्नित किए गए थे। यहां काम कराने केलिए 27.50 लाख रुपये के बजट की मांग शासन से की गई थी। उसके बाद यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। कोई काम इन स्थानों पर नहीं हो पाया।
एक साल से बैठक नहीं
पिछली साल जून में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। इसमें डीएम पंकज यादव के अलावा, एसएसपी, एआरटीओ, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के पिंकी चिन्यौटी आदि ने शिरकत की थी। हैरत की बात यह है कि इसकेबाद प्रशासन ने बैठक तक नहीं बुलाई है। यहां काम कराना तो दूर की बात है।
ये हैं ब्लैक स्पॉट
मोहिउद्दीनपुर मोड़, भूड़बराल, खरखौदा मोड़, धीरखेड़ा गांव, कैली, भोला रोड चौराहा, रोहटा रोड, कंकरखेड़ा मोड़, सिवाया, चौहान मार्केट ग्राम पल्हेड़ा, लाला मोहम्मदपुर-दायमपुर रोड, पल्लवपुरम फेस-1 तथा दो कट, न्यू सरधना रोड श्रद्धापुरी कट, चिराग स्कूल चौराहा रुड़की रोड, बिजली बंबा बाईपास हापुड़ रोड, सुपरटेक कट, परतापुर बाईपास हैं।
यहां नहीं कोई व्यवस्था
इन सभी स्थानों पर ट्रैफिक सिस्टम बदहाल है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने इन कई स्थानाें को दौरा किया तो वहां कोई व्यवस्था नहीं मिली। चिराग स्कूल चौराहे पर कोई ट्रैफिक व्यवस्था नहीं थी। यही हाल चौहान मार्केट मोदीपुरम एवं श्रद्घापुरी कट का था। सवाल यह है कि ऐसे प्लान बनाने का आखिर क्या लाभ, जिस पर काम ही नहीं करना था।
कोट
- सड़क हादसों में सुरक्षा की कोशिश के तहत ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित किए गए थे। ऐसे स्थलों पर पुलिस टीमों को लगातार भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। मगर कई बार अन्य मामलों में व्यस्तता के कारण टीमें कम पहुंच पाती हैं।
-। किरण यादव, एसपी ट्रैफिक।