- सर्च अभियान में नहीं लगा सुराग, तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे की मनोहरपुर कॉलोनी निवासी जितेंद्र अपने दोस्तों के साथ रविवार को चांदपुर मार्ग पर भीमकुंड गांव के पास बाढ़ के पानी में नहाने के लिए गया था। गहरे पानी में जाते ही वह डूब गया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चलाया परंतु देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चल सका।
रविवार को दोपहर करीब 3:00 बजे कस्बे की मनोहरपुर कॉलोनी निवासी जितेंद्र (35) पुत्र राजपाल अपने दोस्त कस्बे के ही राकेश, छोटू, सुमित और परशु के साथ भीमकुंड गांव के समीप चांदपुर मार्ग पर गंगा की बाढ़ में टूटे संपर्क मार्ग पर नहाने के लिए गया था। सभी दोस्त नहाने के लिए कपड़े उतार रहे थे। सबसे पहले जितेंद्र ने कपड़े उतारे और टूटे हुए संपर्क मार्ग पर जहां से बाढ़ का पानी बह रहा था, वहां से छलांग मार दी। वह गहरे पानी में जा फंसा और बाहर नहीं निकल सका।
दोस्त राकेश ने बताया कि उन्होंने जितेंद्र को बचाने का काफी प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक वह जितेंद्र को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहे और गहरे पानी में भी कूद पड़े परंतु वह आगे की ओर बेहकर चला गया। जब उन्हें भी अपनी जान का खतरा हुआ तो वह लौट आए और हादसे की सूचना स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों को दी। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहीं, एसडीएम संतोष कुमार, थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी पीएसी की फ्लड कंपनी के साथ मौके पर पहुंचे और बाढ़ के पानी में डूबे जितेंद्र की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक चले सर्च अभियान के दौरान उसका कोई पता नहीं चल सका।
एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि पानी में डूबे युवक की तलाश के लिए पीएसी की फ्लड कंपनी लगाई गई है। उसकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों से भी मदद ली जा रही है, परंतु अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
एडीएम वित्त एवं प्रशासन सूर्यकांत त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात की। बाढ़ राहत कोष से पानी में डूबे युवक के पोस्टमार्टम के बाद शासन की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। फिलहाल पानी में डूबे युवक की तलाश की जा रही है।
पांच भाइयों में सबसे बड़ा था जितेंद्र
जितेंद्र के पिता की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। माता राजो ने मेहनत मजदूरी कर पांचों बेटों का पालन पोषण किया। जितेंद्र विवाहित है। हादसे की सूचना मिलते ही पत्नी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो बेटे सात वर्षीय यश और चार वर्षीय ऋषभ है। घटना की सूचना से सभी का रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे लोग
बाढ़ के पानी में जितेंद्र के डूबने की खबर पाकर सपा नेता किशोर वाल्मीकि, सपा के प्रदेश सचिव सरदार नरवैर सिंह, रंजीत सिंह, आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता और प्रमुख समाजसेवी आकाश गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी ली। साथ ही पीड़ित परिजनों की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ के पानी में डूबे युवक को जल्द से जल्द तलाश करने का भी आह्वान किया।
पानी में तैरने के ज्ञान ने ही ले ली जान
एक कहावत है कि पानी में वहीं डूबता है, जिसको तैरना आता है। रविवार को यह कहावत उस समय सच होती नजर आई। गहरे पानी में तैरने वाला सक्षम जितेंद्र तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आता था लेकिन आज इस तैरने के ज्ञान ही उसे गंगा में बहा ले गया। उसे तैरने की जानकारी भलीभांति थी, इसलिए उसने दोस्तों से पहले ही चांदपुर मार्ग पर टूटे संपर्क मार्ग से गहरे पानी में छलांग लगाई। दोस्तों ने बताया कि देखते ही देखते वह बाढ़ के पानी में डूब गया। पहले तो उन्हें भी विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि जितेंद्र इतना अच्छा तैराक था कि वह इतनी आसानी से डूबने वाला नहीं था। परंतु जब वह बहकर करीब 100 मीटर की दूरी पर पहुंच गया और उन्हें नजर आना बंद हो गया तो उसके बाद उन्हें इस बात का अंदाजा हुआ कि कोई अनहोनी हो गई है। उन्होंने जान जोखिम में डालकर उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, परंतु वह सफल नहीं हो पाए।
युवक के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी स्रोत संवाद