परिवार ने नहीं की कोई विदेश यात्रा
एपिडेमियोलोजिस्ट डॉ. शाइस्ता ने बताया कि कोरोना को लेकर वे संदेह के दायरे में आते हैं, जिसने विदेश यात्रा की हो या किसी विदेशी यात्री से संपर्क किया हो। इसके बाद उसमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे संदिग्ध मानते हुए जांच कराई जाती है। शुक्रवार को जिस महिला को जांच के लिए मेरठ भेजा गया है, उसे तीन दिन से बुखार, जुकाम, खांसी और गले में समस्या तो है लेकिन परिवार के किसी सदस्य ने न तो विदेश यात्रा की और न ही विदेशी यात्री के संपर्क में आए हैं।
दंपती को दिया थ्री लेयर मास्क
शामली सीएचसी से दंपती को थ्री लेयर मास्क उपलब्ध कराए। बताया गया कि मास्क लगाएं और मेरठ मेडिकल जाकर जांच करा लें। युवक ने बताया कि गांव में खेती का कार्य करता है। पहले ढाबा चलाने की भी बात कही, लेकिन बाद में कहा कि अब ढाबे से उसका कोई संपर्क नहीं रहता।
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि महिला मरीज अपने पति के साथ सीएचसी पर पहुंची थी। महिला बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित थी। जांच में महिला को सीजनल इनफ्लुएंजा होने की शिकायत पाई गई। कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं मिले। संतुष्टि के लिए महिला को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया है।
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