यूपी के शामली में लगे जाम ने एक किशोरी की जान ले ली। सीएचसी ( सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) से दिल्ली अस्पताल के लिए रेफर होने के बाद आग से झुलसी किशोरी एंबुलेंस के इंतजार में एक घंटे तक तड़पती रही।
जाम में फंसी एंबुलेंस जब सीएचसी नहीं पहुंच सकी तो, परिजन किशोरी को स्ट्रेचर से उठाकर करीब 500 मीटर से भी अधिक दूर खड़ी एंबुलेंस तक पैदल ही लेकर पहुंचे। दिल्ली में अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने किशोरी को मृत घोषित कर दिया।
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव गोमतीपुर निवासी प्रेम सिंह कश्यप की पुत्री शिवानी (15) मंगलवार रात करीब नौ बजे घर में मिट्टी के तेल की डिबिया जला रही थी। अचानक तेल गिरने से आग उसके कपड़ों में लग गई। परिजनों ने किसी तरह आग बुझाई और उसे सीएचसी शामली लेकर पहुंचे।
सीएचसी जाते समय भी उनकी गाड़ी काफी देर तक जाम में फंसी रही। चिकित्सकों ने किशोरी को रात में ही गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन एंबुलेंस जाम में फंस गई।
करीब एक घंटे तक किशोरी सीएचसी पर तड़पती रही। जाम के कारण एंबुलेंस सीएचसी तक नहीं पहुंची तो, परिजन और सीएचसी के कर्मचारी किशोरी को स्ट्रेचर से लेकर पैदल चल दिए और वीवी इंटर कॉलेज रोड नाले के पुल तक करीब 500 मीटर दूर एंबुलेंस तक ले गए।
इसके बाद किशोरी को एंबुलेंस से दिल्ली रवाना किया गया। दिल्ली अस्पताल पहुंचने पर किशोरी को मृत घोषित कर दिया। दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव परिजनों को सौंपा। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे गांव में किशोरी का शव पहुंचा। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतका के पिता का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर मिलती तो दिल्ली अस्पताल में उपचार मिल जाता और किशोरी की जान बच सकती थी।
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