शामली। बिना राशन कार्ड आयुष्मान कार्ड बनाकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर अमर उजाला के खुलासे के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अथर जमील की तहरीर पर साइबर थाने पर गिरोह के दो सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। गिरोह के संबंध में पुलिस को अहम सुराग हाथ लग गए हैं।
अमर उजाला ने 17 दिसंबर के अंक में पेज दो पर आयुष्मान का आशीर्वाद बिक रहा...खरीदोगे नामक शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी, जिसमें खुलासा किया था कि जिले में डेढ़ से दो हजार रुपये दीजिए, मात्र 29 से 35 मिनट में आयुष्मान कार्ड बनेगा और नाम सूची में भी दर्ज मिलेगा। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग तो एसपी ने सर्विलांस सैल और साइबर सैल को मामले की जांच सौंपी थी।
मामले में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बुधवार को साइबर थाने में तहरीर दी। कहा कि गोसगढ़ के अशोक ने दो लोगों के फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाए। अशोक समेत गिरोह के दो सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर थाना प्रभारी संजीव भटनागर को मामले की जांच सौंपी गई है।