संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन द्वारा हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए आंदोलन के तहत बुधवार को सुबह से ही तहसील के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी गई।अधिवक्ताओं व अन्य ने जुलूस निकालकर सुभाष चौक पर पहुंचे और मानव शृंखला बनाई। तहसील पहुंचकर शाम तक धरना दिया। बाद में प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया।
बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ, व्यापार संगठन, भाकियू टिकैत, मेडिकल एसोसिएशन, एआईएमआईएम आदि द्वारा तहसील के मुख्य द्वार पर तालाबंदी की गई। तहसील के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। सुबह 11 बजे जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए थाना तिराहा, मुख्य मार्ग से होते हुए सुभाष चौक पहुंचे। यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के नीचे मानव शृंखला बनाई और संबोधन किया। मुख्य मार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
इसके बाद जुलूस के रूप में मध्य बाजार से होेते हुए खलील चौक पहुंचे। यहां और थाना तिराहे पर मानव शृंखला बनाई। बाद में तहसील में पहुंचकर फिर से धरना शुरू किया। शाम के समय प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन दिया।
धरना व ज्ञापन देने वालों में राजीव कंसल, श्रीबल्लभ, विजय गंगपुरी, आदेश शर्मा, अमित कामिल, बिजेंद्रपाल सिंह, सुनील, लेखराज सचदेवा, प्रवीण दुबलिश, रघुकुल तिलक आदि अधिवक्ताओं के अलावा भाकियू एनसीआर के महासचिव नरेश चौधरी, रालोद नेता अय्यूब कालिया, विनोद जाटव, राजेश अग्रवाल, विनय दुबलिश, भूपेंद्र त्यागी आदि उपस्थित रहे।
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अधिवक्ताओं के आह्वान पर सरधना में ऐतिहासिक बंद, जनता ने दिया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग के लिए बुधवार को सरधना में सफल बंद देखने को मिला। बार एसोसिएशन के आह्वान पर नगर पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही बाजार, स्कूल, कॉलेज, निजी व सरकारी प्रतिष्ठान, मंडी समिति, रजिस्ट्री कार्यालय और राजस्व न्यायालय बंद रहे। इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापारिक संगठन और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ नगर के प्रमुख बाजारों में मुनादी करते नजर आए। अधिवक्ताओं ने दुकानदारों से बंद के समर्थन की अपील की। इक्का-दुक्का खुली दुकानों को भी समझाकर बंद कराया गया। बंद को लेकर आम नागरिकों में भी समर्थन देखने को मिला। उपनिबंधक कार्यालय के बार अधिवक्ता धरने पर भी बैठे रहे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह त्यागी ने कहा कि वेस्ट यूपी की जनता वर्षों से हाईकोर्ट बेंच की मांग कर रही है। महामंत्री मोहित शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से आम आदमी को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिलेगा।
मंडी समिति में आवक बंद रही। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज नहीं हो सका। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब ढाई बजे अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर को सौंपा। इस मौके पर जितेंद्र पांचाल, वीरेंद्र सैनी, दीपक शर्मा, अशोक त्यागी, पंकज शर्मा, प्रमोद सैनी, जगपाल सोम, राकेश मीणा, चंद्रकेतु त्यागी, सूर्यदेव त्यागी, अली शाह, मंजूर मलिक, सलीम मलिक, शाहवेज अंसारी, शबाना मलिक, पोयम चंदेल व आजाद समाज के पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष रामकिशोर, मुकेश सभासद, जफर कुलंजन, फरमान आदि रहे।
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व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रहे
बहसूमा। हाईकोर्ट बेंच के समर्थन में बुधवार को बहसूमा कस्बे का मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। वहीं, रामराज में रोज की भांति बाजार खुले रहे। बुधवार को कस्बे का मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष सिंघल ने कहा कि अधिवक्ताओं के समर्थन में उन्होंने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
नगर पंचायतों में बंद का आह्वान बेअसर
सरूरपुर/फलावदा/लावड़/दौराला/रोहटा। हाईकोर्ट की बेंच की मांग के लिए मेरठ बंद का आह्वान कस्बा हर्रा, खिवाई, करनावल में बेअसर नजर आया। बंद के दौरान बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे और रोजमर्रा की गतिविधियां निर्बाध रूप से चलती रहीं। सरकारी दफ्तरों में कामकाज अपने तय समय पर शुरू हुआ। वहीं फलावदा में लावड़, दौराला, रोहटा, करनावल, हर्रा और खिवाई कस्बों में बंद का खास असर नहीं दिखा।
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)
हाई कोर्ट बैंच के समर्थन में बंद बाजार। (बहसूमा)