केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को दी गई प्राथमिकता का सीधा लाभ मेरठ को मिलने जा रहा है। बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1,04,599 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज सस्ता होगा और नए मेडिकल संस्थानों की स्थापना को गति मिलेगी। इसका असर लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज पर भी पड़ेगा, जिसे एम्स स्तर का संस्थान बनाने की दिशा में बड़ी सहायता मिलेगी। पहले से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेडिकल हब के रूप में पहचान बना चुका मेरठ अब और मजबूत होगा।
जिला अस्पतालों की क्षमता होगी दोगुनी
सरकार द्वारा जिला अस्पतालों की क्षमताएं दोगुनी करने की घोषणा से मेरठ के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाएं और बेहतर होंगी। इससे अधिक संख्या में मरीजों को इलाज का लाभ मिलेगा। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमके बंसल का कहना है कि विकसित भारत का सपना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बिना संभव नहीं है। बजट में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने से दवाएं सस्ती होंगी और मरीजों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में दिखेगा बड़ा बदलाव
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता के अनुसार, अगले दो वर्षों में मेडिकल कॉलेज की अकादमिक और चिकित्सकीय सेवाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। मेडिकल कॉलेज को एसजीपीजीआई जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें 100 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर, 100 बेड का लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर, आधुनिक इमरजेंसी सेवाएं और जच्चा-बच्चा के लिए अलग 100 बेड का ब्लॉक शामिल है।
हेल्थ हब से मिलेंगे रोजगार के अवसर
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि बजट में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करने की योजना है। इन हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, जांच सुविधाएं और इलाज के बाद देखभाल के लिए विशेष केंद्र होंगे। इससे मरीजों को समग्र इलाज मिलेगा और मेरठ में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।