संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर चल रहा अष्टाह्निका महापर्व बुधवार को भव्य रथ यात्रा के साथ समाप्त हुआ। मुख्य वेदी में अभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य क्षेत्र के अजय जैन और मनीष जैन को प्राप्त हुआ।
होली मेले के अवसर पर भव्य रथयात्रा निकाली गई। जिसमें मेरठ, सरधना, बड़ौत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, जयपुर, राजस्थान, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से अनेकों श्रद्धालुओं को भगवान शांतिनाथ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रीजी को लेकर सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अर्चित जैन को प्राप्त हुआ। सारथी मुकेश जैन, कुबेर इंद्र अमित जैन और दाया इंद्र सतेंद्र जैन बने। श्रद्धालु रथयात्रा में सवार होकर मुख्य मार्ग से होते हुए दिव्यघोष और शांतिनाथ भगवान के जयकारे बोलते हुए जलमंदिर के निकट निर्मित पांडुकशिला पर पहुंचे। वहां भगवान शांतिनाथ का अभिषेक व पूजन किया गया। इसके बाद रथयात्रा प्राचीन बड़ा मंदिर पहुंची।
तीर्थ क्षेत्र पर विराजमान आचार्य विमर्श सागर महाराज ने बताया कि यह जीव अनादिकाल से संसार रूपी समुद्र में गोते खाता आ रहा है और खाता रहेगा जब तक वह जिनेंद्र भगवान को वीतरागता को छोड़कर अन्यत्र कुगुरु, कुदेव और कुधर्म को पूजता रहेगा। इससे जीव का कदाचित भी कल्याण होने वाला नहीं है।
इस मौके पर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मेला मंत्री सुनील जैन, प्रवीण जैन आदि रहे।
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु स्रोत संवाद