मेरठ की डिफेंस एंक्लेव कॉलोनी में बुधवार को एक बड़ा हादसा होने से बच गया। कॉलोनी में उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरित करने जा रहे एक मिनी ट्रक की वायरिंग में आग लगने से सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। देखते देखते ट्रक आग का गोला बन गया। कार सवार कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। बाद में मौके से ट्रक छोड़कर भाग गए। एक के बाद एक करके चार सिलेंडर हवा में उड़े और उनमें तेज धमाकों के साथ ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट होने से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। कॉलोनी में भगदड़ मच गई। लोग घरों से निकल निकल कर भागने लगे। इस दौरान सिलेंडरों के धमाकों से लोगों के घरों की खिड़की दरवाजों के शीशे टूट गए। कॉलोनी के लोगों में चीख पुकार मच गई। सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर कंट्रोल किया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
गर्म होकर हवा में उड़ने लगे सिलेंडर
गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट
यह हादसा बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। सरधना रोड स्थित नंगलाताशी गांव के सामने इंडियन गैस कंपनी की बैजल गैस एजेंसी का गोदाम है। रोजाना की तरह वहां से गोदाम के कर्मचारी मिनी ट्रकों में गैस सिलेंडर भरकर क्षेत्र में उपभोक्ताओं को वितरित करने के लिए ले जा रहे थे। जिसमें चालक प्रदीप कुमार व हैल्पर ऋषि कुमार मिनी ट्रक में करीब 20 सिलेंडर लेकर सरधना रोड स्थित डिफेंस एंक्लेव पहुंचे। वहां पर डॉ. मदन मोहन गुप्ता के घर के सामने गाड़ी खड़ी करके उन्हें सिलेंडर देकर आगे बढ़ रहे थे कि इस बीच जैसे चालक ने गाड़ी में सेल्फ लगाया तो वायरिंग में आग लग गई। आग लगते ही कर्मचारी गाड़ी से नीचे उतर गए और आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग नहीं बुझी। देखते देखते गाड़ी में रखे सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। जिसे देखकर कर्मचारी मौके से भाग गए। सिलेंडर एक एक करके गर्म होकर हवा में उड़ने लगे। सिलेंडरों में जैसे ही ब्लास्ट होना शुरु हुआ तो कॉलोनी में हड़कंप मच गई। लोगों में चीख पुकार मच गई। कॉलोनी के लोग अपने अपने घरों को छोड़कर भागने लगे। गनीमत रही कि जो सिलेंडर हवा में उड़े वे नहीं फटे और गाड़ी में रखे हुए चार सिलेंडर फटे। जिनसे गाड़ी के भी परखच्चे उड़ गए। तेज धमाकों से लोग सहम गए। लोगों ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। सूचना पर पुलिस व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान आग बुझाने में हेल्पर ऋषि कुमार मामूली रुप से झुलस गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घरों के शीशे टूटे तो निकल गई चींख
आग लगने पर फटे गैस सिलेंडर
कलोनी समिति के चेयरमैन कर्नल बृहम पाल सिंह ने बताया कि सुबह का समया था। वे अपनी पत्नी के साथ अंदर बैठे चाय पी रहे थे कि इस बीच तेज धमाकों की आवाज आई। बाहर निकल कर देखा तो सिलेंडरों में आग लगती देख उनकी पत्नी की चींख निकल गई। सिलेंडर के धमाकों से घर की खिड़की और दरवाजों के शीशे टूट गए। वहीं डॉ. मदन गुप्ता ने बताया कि सिलेंडरों के धमाकों से उनके भी मकान के शीशे टूट गए। बरामदे में खड़ी गाड़ी में भी नुकसान हो गया। गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर समय रहते आग पर कंट्रोल कर लिया।
गैस रिफलिंग करते हैं कर्मचारी
वहीं कॉलोनी की महिलाओं ने बताया कि एजेंसी के कर्मचारी गैस सिलेंडरों के वितरण के दौरान चोरी छिपे गैस रिफलिंग करते हैं। कई बार उन्होंने ऐसा करते हुए कर्मचारियों को देखा है। रिफलिंग के दौरान ही सिलेंडर लीक हो जाते हैं।