वहीं रविवार को हैविन खान और शौकत अली जमानत पर बाहर आ गए। इसकी जानकारी लगते ही कुलदीप सैनी अपने परिवार के साथ इंचौली थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आरोप है कि पुलिस ने मुकदमे में बढ़ाई गई धारा 307 को कोर्ट में लिखापढ़ी में नहीं भेजा। फरार आरोपियों को भी जमानत मिल गई है। वहीं दूसरे पक्ष का एक परिवार अपने घर का ताला बंद कर मेरठ में अपने रिश्तेदार के यहां शिफ्ट हो गया है। दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया है कि पुलिस दबाव में आकर एक-तरफा कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि निष्पक्ष जांच की जाएगी। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात है।
भाजपा का करेंगे बहिष्कार
कुलदीप सैनी ने कहा कि 40 साल से उनका परिवार भाजपा को वोट देता आया है। भाजपा के सांसद-विधायक उनकी मदद करने के लिए सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने परिवार के साथ भाजपा का बहिष्कार करेंगे।
यह भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर: स्कूल बस ने मासूम को कुचला, परिवार में मचा कोहराम, तनाव बढ़ता देख पहुंचीं पांच थानों की पुलिस
छह घंटे बाद धरना समाप्त
इंचौली पुलिस ने धरने पर बैठे एक पक्ष के लोगों को आश्वासन दिया कि कुलदीप सैनी व उनके भतीजे पवन का दोबारा से मेडिकल होगा। डीएम ने भी उसकी अनुमति दे दी है। दोबारा मेडिकल कराने के आश्वासन पर शाम पांच बजे धरना समाप्त किया गया। धरना सुबह 11 बजे से चल रहा था। पुलिस ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।