आसपास में मौजूद लोगों ने पिलर हटाने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा वजन होने की वजह से वह इसे हिला भी नहीं पाए। वह मोहित को हिम्मत बंधाते रहे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद केबिन को तोड़कर किसी तरह मोहित को बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद 4-5 क्रेन बुलाकर पिलर और ट्रॉला हटाया गया।