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Meerut News: महापंचायत से एक दिन पहले किसानों के आगे झुका प्रशासन

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वि​भिन्न मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर धरने के दौरान बीन की धुन पर डांस करते किसान।   .....
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मेरठ। ग्राम पांची में सरकारी भूमि पर हुए कथित अवैध कब्जे के विरोध में सदर तहसील परिसर में चल रहा भाकियू इंडिया का धरना बुधवार को 17 दिन बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने संगठन की ओर से रखी गई सभी 12 मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद गुरुवार को प्रस्तावित महापंचायत भी स्थगित कर दी गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान मुनेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में यह धरना चल रहा था।
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भाकियू इंडिया का आरोप था कि पांची गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर फर्जी पट्टे जारी किए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी को लेकर गुरुवार को बड़ी महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें रामपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बागपत सहित कई जिलों के किसान शामिल होने वाले थे। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार को ही धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता की। एडीएम सिटी बृजेश सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार सोहन पाल ने संगठन का ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में भूमि के फर्जी पट्टों की जांच, तहसील की पत्रावलियों की समीक्षा, सरकारी भूमि की बिक्री की प्रक्रिया की जांच और अवैध कब्जे हटाने सहित कुल 12 मांगें शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन देते हुए भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने की बात कही। संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक राणा और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता संजीव राणा ने कहा कि मांगों पर कार्यवाही शुरू होने के बाद धरना स्थगित किया गया है लेकिन जमीन कब्जामुक्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अरविंद आर्य, मोहित बैंसला, विजय धामा, आकाश चपराना आदि मौजूद रहे।

बीन बजाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बुधवार को कमिश्नरी और जिला कार्यालय पर बिजली, गन्ना ढुलाई भाड़ा, सिंचाई तथा सड़क निर्माण जैसी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान चौधरी चरण सिंह पार्क में एकत्र हुए और वहां से बीन बजाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि पिछले वर्षों में गन्ना मूल्य वृद्धि के दौरान अस्वीकृत प्रजाति का भी मूल्य बढ़ाया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, जिससे किसान नुकसान में हैं। बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना में भी ग्रामीण वाणिज्यिक संयोजनों को शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई गई। किसानों ने सड़क निर्माण कार्यों को भी शत-प्रतिशत पूरा कराने की मांग की। एडीएम सिटी बृजेश सिंह और जिला गन्ना अधिकारी के साथ किसानों की लंबी वार्ता चली। ज्ञापन सौंपकर किसानों ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की और देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर डटे रहे।

विभिन्न मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर धरने के दौरान बीन की धुन पर डांस करते किसान।   .....

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