हादसे की सूचना पर किठौर पहुंचे परिजनों ने बताया कि पांच भाई-बहनों में हरवेंद्र तीसरे नंबर का था। बड़े भाई सुमित और अमित और छोटा भाई सचिन व बहन रश्मि हैं। पिता खरखौदा थाने में होमगार्ड हैं। मां राजेश्वरी गृहणी हैं। परिजनों ने बताया कि हरवेंद्र नौकरी के साथ बैंक अधिकारी बनने की तैयारी भी कर रहे थे।