शासन का आदेश रखना होगा रिकॉर्ड
छह महीने पहले अमर उजाला द्वारा उजागर किए गए तेल के खेल की गूंज शासन तक पहुंची थी। जिसके बाद शासन ने मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सॉल्वेंट विक्रेताओं के लिए आदेश जारी किया था कि सॉल्वेंट कितना खरीदा गया और कितना बेचा गया, उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। शासन के आदेश का सॉल्वेंट विक्रेताओं ने कितना अनुपालन किया, इसकी जांच करना जिला प्रशासन भूल गया। यही कारण है कि भोला रोड पर बिना एनओसी के पेट्रोल पंप लगातार नकली पेट्रोल और डीजल बेचा जाता रहा और संबंधित विभाग सोते रहे। अब मामला उजागर होने के बाद जिला आपूर्ति विभाग की नींद टूटी है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि जिले के सभी सॉल्वेंट विक्रेताओं की जांच की जाएगी। सॉल्वेंट कब और कितना खरीदा और उसे कितना और अब बेचा, उसका पूरा रिकॉर्ड तलब किया जाएगा। जिसके रिकॉर्ड में गड़बड़ पाई जाएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आपूर्ति विभाग एक टीम गठित कर रहा है।
10,000 का जुर्माना
भोला रोड पर पकड़े गए फर्जी पेट्रोल पंप की मशीनों को सत्यापित न कराने के आरोप में बांट माप तौल विभाग ने पेट्रोल पंप संचालक पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के सीनियर इंस्पेक्टर आरके विक्रम का कहना है कि विभाग की तरफ से पेट्रोल पंप मालिक पर 10000 रुपए का जुर्माना किया जाएगा। जिसके लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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