उसने बताया कि मटौरा में उसकी बहन की ससुराल है। वह लॉक डाउन के शुरुआत में ही बहन की ससुराल आ गया था। घटना वाले दिन भी गांव में ही था। दिल्ली में भी एक घटना में वह नामजद है। वह कैश लूट में शामिल नहीं था, उसका मोबाइल गिरफ्तार हुए लोग प्रयोग कर रहे थे। पुलिस ने काफी देर तक उसे हिरासत में नहीं लिया। बाद में पुलिस ने आला अधिकारियों से बाद करने के बाद उसे हिरासत में लिया।
कचहरी पहुंचा था मोनू
मवाना। मोनू उर्फ योगेंद्र के साथ मेरठ से आए अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि सुबह योगेंद्र उर्फ मोनू कचहरी पहुंचा था और न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए कहा था। न्यायालय बंद होने के कारण उसे वहां पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद एसएसपी और एसपी देहात के यहां भी लेकर गए, लेकिन उनके नहीं मिलने पर मवाना लेकर आए।
कार्रवाई की जा रही
इनामी बदमाश मोनू उर्फ योगेंद्र ने पुलिस के डर से आत्मसमर्पण किया है। पुलिस अभिरक्षा में लेकर कार्रवाई की जा रही है। मैं मवाना से बाहर थे, इसलिए हिरासत में लेने में देरी हुई। थाने आने के बाद ही कार्रवाई की गई। - सतीश कुमार, थाना प्रभारी