कंकरखेड़ा। जेल से बाहर आई महिला को ससुरालियों ने घर में नहीं घुसने दिया। महिला का आरोप है कि जमीन के चक्कर में देवर ने झूठे मुकदमे में उसे जेल भिजवाया था। भाकियू के जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष ने महिला को न्याय दिलाने के लिए थाने पर धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने महिला उसकी ससुराल भिजवाया।
मीनू पत्नी सुधीर कुमार ने बताया कि संपत्ति को लेकर देवर सुनील और पति में अक्सर झगड़ा रहता था। कई माह पूर्व उसके पति सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। तभी से वह कोमा में है। एक नवंबर को हाईवे पर सुनील को किसी ने गोली मारकर घायल कर दिया था। इसमें सुनील ने अपनी भाभी उसके भाई विकास और पिता सतपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मीनू को जेल भेज दिया था। जांच में मामला संपत्ति विवाद का निकला तो महिला के भाई को पिता निर्दोष निकले। महिला 10 दिसंबर को पैरोल पर जेल से बाहर आई और ससुराल पहुुंची। आरोप है कि देवर अन्य परिजनों ने उसे घर में नहीं घुसने दिया। मामले का पता चलने पर भाकियू के जिलाध्यक्ष विनोद जिटौली और ब्लॉक अध्यक्ष चौ. इलम सिंह ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सोमवार को थाने पर धरना दिया। एसओ प्रशांत कपिल ने ससुरालियों को थाने बुलाकर पूछताछ की तो जमीन का मामला सामने आया। इस पर एसओ ने उन्हें फटकार लगाई और महिला को ससुराल भेज दिया। सतपाल सिंह, विजय शास्त्री, ओम प्रकाश, चमन लाल, अनुज पहलवान, वीर सिंह, ललित राज, रण सिंह, चरण सिंह आदि शामिल रहे।