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केस दर्ज होते ही वीआईपी फरार

Thu, 23 Oct 2014 05:31 AM IST
Meerut
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मेरठ/फलावदा। दर्जा प्राप्त मंत्री बताकर पुलिस एस्कार्ट लेकर घूमने वाले शराब तस्करी के आरोपी ताजीम अब्बास के खिलाफ मंगलवार को धोखाधड़ी का केस दर्ज हो गया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष बासित अली ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। नामजद होने की भनक पाते ही यह तथाकथित वीआईपी फरार हो गया।
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फलावदा निवासी ताजीम अब्बास सोमवार को एस्कार्ट के साथ कस्बे में पहुंचा था। जहां उसके सम्मान में आदर्श शिक्षा समिति के तत्वावधान में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। ताजीम ने खुद को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन उच्च शिक्षा विभाग के तहत बोर्ड का चेयरमैन होने का दावा किया था। समारोह में पहुंचे भाजपा जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने हंगामा करते हुए थाने में ताजीम के खिलाफ तहरीर दे दी थी। इसमें कहा गया कि ऐसा कोई पद मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नहीं है। ताजीम फर्जी तरीके से खुद को मंत्री बताकर सरकारी सुविधाएं लेकर रौब गालिब कर रहा है।
मंगलवार को एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर ताजीम अब्बास के खिलाफ छल और धोखाधड़ी करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। थानाध्यक्ष फलावदा वसीम खान को निर्देश दिए गए हैं कि नामजद आरोपी को प्राथमिकता पर गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए।
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विवेचना के मुख्य बिंदु
1. ताजीम अब्बास के पास राज्यमंत्री का दर्जा है भी या नहीं
2. एस्कार्ट और सुरक्षा के लिए फैक्स कहां से और किसके द्वारा किया गया
3. फैक्स कराने में ताजीम अब्बास की क्या भूमिका रही
4. इससे पूर्व ताजीम अब्बास द्वारा पहले भी एस्कार्ट ली गई या नहीं

और भी धाराएं जुड़ेगी
विवेचक वसीम खान का कहना है कि यदि विवेचना में ताजीम अब्बास राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नहीं पाया जाता है और उसके द्वारा कराया गया फैक्स रूपी आदेश फर्जी पाया जाता है तो आरोपी के खिलाफ किसी मूल्यवान दस्तावेज की छल के उद्देश्य से कूट रचना करना, कूटरचित दस्तावेज का असली के रूप में प्रयोग लाना और सरकारी सुविधाओं का बेजा तरीके से उपभोग करने संबंधी धाराएं लगाई जाएंगी। विवेचना में सभी तथ्य सामने आने के बाद पुलिस अपनी तरफ से भी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराएगी।
वसूला जाएगा जुर्माना
तथाकथित मंत्री ताजीम अब्बास पर यदि आरोप साबित होते हैं उससे पुलिस एस्कार्ट पर आया सरकारी खर्चा भी वसूला जाएगा। बता दें कि अब्बास ने करीब 20 घंटे तक एस्कार्ट की सुविधा ली थी। एस्कार्ट में लगे पुलिसकर्मियों के अलावा थाना फलावदा से जिन पुलिसकर्मियों की तथाकथित वीआईपी कार्यक्रम में ड्यूटी लगी। उन सभी के एक दिन के वेतन के अलावा डीजल का खर्चा भी वसूला जाएगा।
आईजी ने मांगी रिपोर्ट
आईजी जोन आलोक शर्मा ने इस पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी है। आईजी के अनुसार इस केस में डाक्यूमेंट्री एवीडेंस यानी दस्तावेजी सबूतों के आधार पर विवेचना होगी। सच या झूठ, सब कागजों पर सामने आ जाएगा।
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