मेरठ। सैफ फाउंडेशन की ओर से मेरठ कॉलेज के ऑडिटोरियम में पदमश्री हकीम सैफउद्दीन अहमद की याद में रविवार को मुशायरे का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ.अजीज कुरैशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर राज्यपाल ने पत्रिका का विमोचन करने के साथ ही हकीम सैफउद्दीन अहमद के जीवन कार्यों पर प्रकाश डाला। रविवार देर रात शुरू हुए मुशायरे में शायरों ने सामाजिक एकता एवं सौहार्द का तानाबाना बुनते हुए अपने कलाम से समां बांध दिया। मशहूर शायर नवाज देवबंदी ने कहा कि रोशनी का कुछ इंतजाम होना चाहिए, बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए। अजहर इनायती ने कहा कि इस रास्ते में जब कोई साया ना पायेगा, यह आखिरी दरख्त बहुत याद आएगा। मंसूर उस्मानी ने कहा कि हर रोज नई तरह के गम टूट रहे हैं, महसूस यह होता है कि हम टूट रहे हैं। इस दौरान राहत इंदौरी, हक कानपुरी ने मौजूदा हालात पर शायरी कर लोगों की वाहवाही बटोरी। इसके अलावा डॉ. जुबैर फारूख, एलीना इतरत, सविता असीम ने भी मुशायरा पेश किया। संचालन मंसूर उस्मानी ने किया। इस दौरान सैफ फाउंडेशन के डॉ.मैराजुददीन अहमद और डॉ.सिराजउद्दीन अहमद ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डीएम पंकज यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दयानंद गुप्ता, नगरायुक्त अब्दुल समद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान, युसुफ कुरैशी, असलम जमशेदपुरी, दीपक शर्मा, चौधरी यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
वतन परस्त हैं मुसलमान: कुरैशी
मेरठ। रविवार दोपहर को उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दयानंद गुप्ता के यहां रुकने के बाद सीधे मेरठ कालेज मुशायरे में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत हिंदू और मुस्लिमों को नहीं बांट सकती। इस देश का मुसलमान वतन परस्त है। राज्यपाल ने कहा कि मेरठ क्रांतिधरा है और पूरे मुल्क ने यहां से उर्दू सीखी है।