मेरठ। शहर में चल रही बिजली की किल्लत नवरात्रों में नहीं सुधरी। पहले नवरात्र में भी लखनऊ कंट्रोल से रोस्टिंग और लोकल स्तर पर कटौती कराई जाती रही। सुबह बिजली जाने से लोगों को पानी भी नहीं मिल सका।
प्रदेश में चल रहा बिजली संकट खत्म होने का नाम नहीं ले पा रहा है। कोयले की कमी और मशीनों में तकनीकी खामी आने से करीब एक हजार मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय ग्रिड से भी कोटे की पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। मांग और उपलब्धता में 2 हजार मेगावाट का अंतर बिजली रोस्टिंग और लोकल कटौती करने पर मजबूर कर रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि नवरात्र में बिजली संकट दूर होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बृहस्पतिवार से शुरू हुए नवरात्र में भी बिजली कट जारी रहा। लखनऊ कंट्रोल से छह घंटे रोस्टिंग और तीन घंटे लोकल कटौती कराई गई। 9 घंटे बिजली कटौती से लोग पूरे दिन परेशान रहे। सुबह बिजली जाने से निगम का पानी भी चला गया। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। अधीक्षण अभियंता शहर पीके निगम ने बताया कि नवरात्र पर शहर को भरपूर बिजली आपूर्ति करने के लिए शक्ति भवन लखनऊ लेटर भेजा गया था। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। जितनी बिजली मिल रही है उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।