मेरठ। सीएमओ कंपाउंड से लेकर सीएचसी व पीएचसी के आवासों की जांच दो माह बाद भी पूरी नहीं की गई है। अभी तक सीएचसी व पीएचसी स्तर से जांच हो पाई है, जबकि सीएमओ कंपाउंड के आवासों की जांच होनी बाकी है।
आवासों के आवंटन में धांधली व अवैध कब्जे को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी जिसके बाद सीएमओ डॉ. अमीर सिंह ने जांच बैठा दी थी। सीएचसी पीएचसी के जांच वहां के प्रभारियों से मांगी गई थी, जबकि सीएम कंपाउंड के आवासों की जांच एसीएमओ प्रशासन को सौंपी गई थी। सीएमओ कंपाउंड के आवासों में ऐसे लोग रहे हैं जिनका स्वास्थ्य विभाग से कोई लेना देना ही नहीं है, लेकिन फिर भी मुफ्त में कब्जा जमाए हुए हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग जांच भी करा रहा है। जांच बेहद धीमी गति से हो रही है, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि आवास स्वास्थ्य विभाग के लोगों के नाम पर ही आवंटित हैं और उनमें निवास बाहरी लोग कर रहे हैं। ऐसे में आशंका इस बात भी जताई जा रही है कि स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई से बचने के लिए जांच में देरी कर रहा है। सीएमओ डॉ. अमीर सिंह का कहना है कि एसीएमओ प्रशासन डॉ. एनपी सिंह द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। प्रक्रिया चल रही है।