मेरठ। लगता है नौचंदी की पार्किंग के लिए जिला पंचायत ने ठेकेदार को लूट का ठेका दे दिया है। पंद्रह रुपये निर्धारित की गई दुपहिया वाहन की पार्किंग फीस के स्थान पर तीस रुपये वसूल किए जा रहे हैं। कारों से 50 रुपये वसूले जा रहे है। अमर उजाला टीम ने कई पाठकों की शिकायत पर नौचंदी जाकर पार्किंग का जायजा लिया तो वहां कुछ भी ठीक नहीं मिला। ठेकेदार मनमानी कर रहे थे। बाइक सवार जो इस वसूली का विरोध कर रहे थे, उनसे दुर्व्यवहार किया जा रहा था।
नौचंदी मेले में तीन तरफ से मुख्य एंट्री दी गई है। जिनके बाहर पार्किंग की व्यवस्था है। इन तीनों पार्किंग का ठेका जिला पंचायत ने छोड़ा है। पार्किंग ठेका छोड़ते समय जिला पंचायत द्वारा कार के लिए 25 रुपये, बाइक व स्कूटर के लिए 15 रुपये और साइकिल के लिए 5 रुपये पार्किंग शुल्क रखा है। यह शुल्क शाम सात बजे से रात्रि 12 बजे तक का है। जिला पंचायत का निर्देश है कि पार्किंग के लिए पार्किंग की रेट लिस्ट लगाई जाए, पार्किंग पर्ची पर शर्ते लिखीं हो और पार्किंग पर्ची पर पार्किंग शुल्क प्रिंट होना चाहिए।
मौके पर किसी भी शर्त का पालन होता नहीं मिला। किसी भी पार्किंग पर न तो रेट लिस्ट लगी है और न ही पर्ची पर पार्किंग फीस प्रिंट है। पार्किंग ठेकेदार पूरी तरह मनमानी कर रहें है। यहां पर कार से 50 रुपये, स्कूटर व बाइक से 30 रुपये तथा साइकिल से 10 रुपये वसूले जा रहे है। यही नहीं पार्किंग ठेकेदार लोगों से ये शुल्क दो घंटे का बता रहे हैं, तो कुछ लोगों से एक घंटे में ही समय पूरा होने की बात कहकर इसमें भी दोगुना वसूल लेते है। लोग ठेकेदार की शिकायत किससे करें इस तरह का कोई नंबर भी पार्किंग पर जिला पंचायत ने नहीं लगाया है।
शास्त्रीनगर के सुखदेव ने बताया कि वे दस बजे नौचंदी देखने आए थे, तिरंगा गेट पर पार्किंग की और 11.40 बजे बाइक निकाली तो 40 रुपये मांगे गए। पूछने पर दुर्व्यवहार किया गया।
जागृति विहार के सतेन्द्र कुमार का भी कुछ यही कहना था। उन्होंने बताया कि पार्किंग ठेकेदार के कारण मेले में आने का उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा।
जिला पंचायत को भी मिली है शिकायत
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह का कहना है कि उन्हें भी शिकायत मिली थी, जिस पर उन्होंने तीनों पार्किंग ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। पार्किंग ठेकेदारों को रेट लिस्ट लगाने के आदेश भी दिये गये थे। अब वह इनकी जांच करायेेंगे और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेंगे। मेला आने वालों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होने दे जाएगी।