मेरठ। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं के साथ-साथ अब बच्चों पर भी स्वाइन फ्लू हमला कर रहा है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में शनिवार को तीन और मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें मुंडाली की नौ माह की बच्ची और शास्त्रीनगर का तीन साल का बालक भी है। इनके अलावा दाल मंडी का 44 वर्षीय एक व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने इनके परिवार के लोगों को भी एहतियातन टेमी फ्लू की दवाई दी है। इस साल मेरठ में अब तक 104 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में अन्य जिलों के भी 18 लोगों में स्वाइन फ्लू मिला है। इस दौरान कुल 588 जांच हुई है। इस दौरान 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 9 मेरठ और तीन दूसरे जिलों के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर चिकित्सक से इलाज कराएं। लापरवाही न करें। फिलहाल आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, कोल्ड कॉफी, फास्ट फूड, ठंडा दूध, पेस्टी और केक आदि चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। अपने गला नम रखें। गर्म पानी और गरारे से दोस्ती करें। तला-भुना या मसालेदार भोजन करने से बचें और विटामिन सी का सेवन करें। खांसी-जुकाम और छींकने वालों से थोड़ी दूरी बनाकर रखें, हाथ मिलाने से परहेज करें।