मेरठ। होली के बाद एकबार फिर गन्ना आंदोलन गरमाने जा रहा है। किसानों के मुद्दे को लेकर रालोद और भाकियू ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पदाधिकारियों का कहना है कि पर्ची नहीं मिलने और गन्ने का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गन्ना विभाग को चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा।
गन्ना पेराई सत्र 2017-18 संकटों से भरा है। गन्ने का रकबा और निकासी ज्यादा होने के चलते शुगर मिले गन्ने को नहीं खींच पा रही हैं। इसके साथ ही गन्ना इंडेंट कम जारी होने और पर्याप्त पर्ची नहीं मिलने से किसानों में गुस्सा है। रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पूर्व किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। सरकार गन्ना भुगतान पर मिलों पर शिकंजा नहीं कस रही है। किसानों को गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं हो पा रहा है। गर्मी शुरू हो चुकी है, ऐसे में किसानों का गन्ना उठना जरूरी है। अगर किसानों को राहत नहीं दी गई तो पार्टी गन्ना भवन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी। वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना किसानों की बदहाली पर भाकियू चुप नहीं बैठेगी। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होली के बाद तिथि तय करके अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।